CM Dhami Sets October 15 Deadline for Pothole-Free Roads
15 अक्टूबर तक उत्तराखंड की सभी सड़कें हों गड्ढामुक्त: मुख्यमंत्री धामी
Uttarakhand District Magistrates meeting
जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में मानसून, चारधाम-कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबंधन, सत्यापन अभियान और विकास कार्यों की समीक्षा
देहरादून, 11 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, आपदा प्रबंधन, चारधाम एवं कांवड़ यात्रा, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम, सत्यापन अभियान, सड़कों की स्थिति और विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के बाद सड़क सुधार कार्यों को अभियान के रूप में संचालित किया जाए और 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाए।
मानसून में आपदा प्रबंधन तंत्र रहे पूरी तरह अलर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून को देखते हुए सभी जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों सहित सभी संबंधित अधिकारियों को अपने फोन चालू रखने और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा, भूस्खलन, सड़क क्षति अथवा अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। आमजन को मानसून के दौरान कम से कम असुविधा हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं।
क्षतिग्रस्त सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम का तैयार हो विस्तृत विवरण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान अत्यधिक बारिश या आपदा के कारण जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग अवरुद्ध हुए हैं अथवा ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित हुआ है, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत विवरण तैयार किया जाए।
उन्होंने ऐसे सभी संवेदनशील एवं क्षतिग्रस्त स्थानों का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए, ताकि मानसून समाप्त होते ही सड़कों, मार्गों और जल निकासी व्यवस्था के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जा सके।
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15 अक्टूबर तक चलेगा गड्ढामुक्त सड़क अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में गड्ढामुक्त सड़क अभियान को तेजी से संचालित किया जाए। प्रत्येक जिले में सड़कों की स्थिति के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए और इसके लिए समिति गठित कर नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने जिलाधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य देते हुए कहा कि 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना चाहिए। सड़क सुधार कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून समाप्त होने के बाद ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम को और अधिक गति दी जाए। जिन क्षेत्रों और गांवों में अभी तक शिविर आयोजित नहीं हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता में रखते हुए वहां कैंप लगाए जाएं।
उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं है, बल्कि आमजन को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके क्षेत्र में उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र लोगों को इन शिविरों से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 की नियमित समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
सत्यापन अभियान में तेजी, अपात्र लाभार्थियों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान को भी तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में यदि अपात्र लोग लाभ ले रहे हैं तो उनका चिन्हीकरण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही राज्य में चल रहे स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
पांच वर्ष पुरानी पीएमजीएसवाई सड़कों की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ऐसी सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिन्होंने पांच वर्ष की अवधि पूरी कर ली है और वर्तमान में खराब स्थिति में हैं।
उन्होंने अधिकारियों से इन सड़कों की स्थिति का तकनीकी आकलन कर उनके डामरीकरण एवं सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। आवश्यकता के अनुसार ऐसी सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुगम सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारा जाए।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास योजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों और उनका प्रत्यक्ष लाभ आमजन को मिल सके।
कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता और नशे के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान को और गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों, धार्मिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रखा जाए।
उन्होंने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को भी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए निरंतर अभियान चलाने को कहा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृषि, बागवानी और पशुपालन योजनाओं से अधिक लोगों को जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कृषि, बागवानी और पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखा जाए और पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जाएं।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
वर्चुअल बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक तथा अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।





