Char Dham Yatra 2026: 47 लाख पार हुआ श्रद्धालुओं का आंकड़ा, नया रिकॉर्ड बनाने की ओर उत्तराखंड

0
7

Char Dham Yatra 2026 Crosses 47 Lakh Pilgrims, New Record Likely

चारधाम यात्रा 2026 में नया रिकॉर्ड बनाने की ओर, 114 दिनों में 47 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे

देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। यात्रा के 114 दिनों में ही 47 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 10 अगस्त तक कुल 47,02,703 श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं।

यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 4.68 लाख अधिक है। पिछले वर्ष 10 अगस्त तक 42,34,147 श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी। वर्ष 2025 की पूरी यात्रा अवधि में 51 लाख से अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचे थे। इस वर्ष अब तक जिस तेजी से तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ रही है, उससे पिछले वर्ष का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनने की संभावना बढ़ गई है।

बदरीनाथ में सबसे अधिक श्रद्धालु पहुंचे

चारों धामों में इस वर्ष अब तक बदरीनाथ धाम में सबसे अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 10 अगस्त तक 16,12,112 श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंच चुके हैं।

वहीं, केदारनाथ धाम में 14,50,116, गंगोत्री धाम में 7,37,629 और यमुनोत्री धाम में 6,62,347 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।

चारधाम के अलावा हेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 2,40,499 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मत्था टेक चुके हैं।

खराब मौसम भी नहीं रोक पा रहा श्रद्धालुओं की आस्था

मानसून के दौरान लगातार चुनौतीपूर्ण मौसम और पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम संबंधी अलर्ट के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कमी नहीं आई है। 10 अगस्त को ही 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधामों के दर्शन किए।

इनमें बदरीनाथ धाम में 9,559, केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 43 श्रद्धालु पहुंचे।

लगातार प्रतिकूल मौसम के बीच भी श्रद्धालुओं का चारधाम पहुंचना यात्रा के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। हालांकि, इस दौरान प्रशासन के सामने यात्रियों की सुरक्षा, मौसम की निगरानी और आपदा प्रबंधन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की चुनौती भी बनी हुई है।

चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है और सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें, इसके लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। भूस्खलन या अन्य आपदा की स्थिति में यात्रियों के लिए सुरक्षित ठहरने और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

सीएम धामी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और परिस्थितियों का सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद ही यात्रा करें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिले तथा मानसून के दौरान किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे।

नए रिकॉर्ड की ओर चारधाम यात्रा

चारधाम यात्रा के 114 दिनों में ही 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का पहुंचना उत्तराखंड की धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन क्षमता को दर्शाता है। वर्तमान रफ्तार को देखते हुए इस वर्ष पिछले साल के 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आंकड़े को पार करने और चारधाम यात्रा में नया रिकॉर्ड स्थापित होने की संभावना है।

हालांकि, मानसून की चुनौती को देखते हुए यात्रा के शेष चरण में प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, मौसम निगरानी, सड़क संपर्क और आपदा प्रबंधन को प्रभावी बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी।