नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच उत्तराखंड शासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, फंसे नागरिकों की मदद के लिए व्यवस्था सक्रिय

0
10

Nepal Floods: Uttarakhand Issues Helpline Numbers

नेपाल में आपदा के मद्देनजर उत्तराखंड शासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

 

नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ के बाद उत्तराखंड के नागरिकों की सहायता के लिए व्यवस्था सक्रिय

नागरिकों से अपील—नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में फंसे उत्तराखंडवासियों की जानकारी तत्काल साझा करें

 

देहरादून, 27 अगस्त 2026। नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न आपदा की स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड शासन ने राज्य के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था सक्रिय कर दी है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून और जनपद देहरादून के हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

शासन की ओर से कहा गया है कि यदि उत्तराखंड का कोई नागरिक नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में फंसा हुआ है, लापता है अथवा किसी व्यक्ति को उसके संबंध में कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त है, तो तत्काल संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जाए।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि नेपाल में आपदा प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित किसी भी आवश्यक सूचना को बिना विलंब हेल्पलाइन पर साझा करें। प्रभावित क्षेत्र में मौजूद उत्तराखंड के नागरिक भी इन नंबरों के माध्यम से अपनी स्थिति की जानकारी देकर आवश्यक सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून

  • 0135-2710334
  • 0135-2710335
  • 0135-2664314
  • 0135-2664315
  • 0135-2664316
  • मोबाइल: 8218867005
  • टोल फ्री: 1070

जनपद देहरादून हेल्पलाइन

  • 0135-2726066
  • 0135-2626066
  • मोबाइल: 7534826066
  • टोल फ्री: 1077

उत्तराखंड शासन ने स्पष्ट किया है कि नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों अथवा उनसे संबंधित किसी भी व्यक्ति के बारे में उपलब्ध जानकारी राज्य एवं जनपद स्तरीय हेल्पलाइन नंबरों पर साझा की जा सकती है। आवश्यकता होने पर प्रभावित नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि आपदा की स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी विश्वसनीय एवं आवश्यक सूचना को संबंधित हेल्पलाइन के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाएं।