CM Dhami Unveils Maa Yamuna Statue in Kalsi | 2,100 Diyas

हरिपुर कालसी में 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट, CM धामी ने किया माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण
CM Pushkar Singh Dhami unveiled Maa Yamuna’s statue, inaugurated Harighat and laid the foundation stone of Maa Jamuna Krishna Temple in Kalsi. 2,100 diyas illuminated the Yamuna bank.
हरिघाट का लोकार्पण और माँ जमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास; हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा
देहरादून/कालसी, 17 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर हरिपुर कालसी स्थित माँ यमुना के पावन तट पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण किया, हरिघाट का लोकार्पण किया तथा माँ जमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान माँ यमुना के तट पर विशेष यमुना आरती का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधु-संतों, श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में उपस्थित स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धापूर्वक यमुना आरती में प्रतिभाग किया। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री समेत साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित किए। इस दौरान 2100 दीपों से यमुना का पावन तट जगमगा उठा और पूरा क्षेत्र भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण से आलोकित हो गया।
माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कालसी की धरती इतिहास, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी हुई है। माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और यमुना आरती जैसे आयोजन क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान को और सशक्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि माँ जमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास कालसी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में कार्य आगे बढ़ेगा।
2100 दीपों से रोशन हुआ यमुना तट
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने माँ यमुना के तट पर दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। उनके साथ साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी दीप जलाए।
एक साथ प्रज्ज्वलित 2100 दीपों से यमुना तट भव्य प्रकाश से जगमगा उठा। दीपों की रोशनी के बीच आयोजित यमुना आरती ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक भाव से भर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जौनसार-बावर क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन से संबंधित अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
लाखामंडल समेत प्रमुख स्थलों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखामंडल सहित जौनसार-बावर क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों में सड़क, यात्री सुविधाओं और अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की विशिष्ट लोक संस्कृति, परंपराएं, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य उत्तराखंड की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर हैं। विकास कार्यों के साथ इस विरासत और स्थानीय परंपराओं का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं है, बल्कि इन परियोजनाओं का सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन, खान-पान और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आस्था, विरासत और विकास का संगम बन रहा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास को गति मिली है। चारधाम के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
इसी क्रम में कालसी, हनोल, लाखामंडल और पूरे जौनसार-बावर क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को नई पहचान देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ जोड़ा जाए, ताकि धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सके।
कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न साधु-संत तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।





