Dehradun Government Land Encroachment: सरकारी भूमि अतिक्रमण पर सख्ती, 12 विभागों को नोटिस

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Dehradun DM Orders Action on Encroachment, Notices to 12 Departments

सरकारी भूमि से तत्काल हटाएं अतिक्रमण, पॉलीगॉन मैपिंग में लापरवाही पर 12 विभागों को नोटिस

 

देहरादून। सरकारी भूमि और परिसंपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा उनकी वास्तविक सीमाओं का सटीक निर्धारण सुनिश्चित करने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सरकारी परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग और अतिक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने उच्च न्यायालय एवं शासन के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी सरकारी परिसंपत्तियों की सेटेलाइट आधारित पॉलीगॉन मैपिंग कराते हुए उनकी निर्धारित सीमाओं का स्पष्ट डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करें। मैपिंग पूरी होने के बाद परिसंपत्तियों का विवरण उत्तराखंड सरकारी परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली (UK-GAMS) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि UK-GAMS पोर्टल पर मैपिंग के दौरान यदि किसी सरकारी परिसंपत्ति पर अतिक्रमण प्रदर्शित होता है, तो संबंधित विभाग तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे हटाना सुनिश्चित करें। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में लंबित न रखने के निर्देश दिए गए।

पॉलीगॉन मैपिंग में लापरवाही पर 12 विभागों को कारण बताओ नोटिस

समीक्षा के दौरान सामने आया कि कुछ विभागों ने अभी तक अपनी परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग का कार्य शुरू नहीं किया है। जिलाधिकारी ने ऐसे 12 विभागों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

इनमें विजिलेंस, उच्च शिक्षा निदेशालय, शहरी विकास निदेशालय, सूचना प्रौद्योगिकी एजेंसी, राज्य संपदा विभाग और यूकॉस्ट सहित अन्य विभाग शामिल हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी परिसंपत्तियों की डिजिटल मैपिंग में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विभागों की 100 से अधिक सरकारी परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग अभी शेष है, उन्हें चेतावनी नोटिस जारी किया जाए और लंबित कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।

16 विभागों ने पूरी की मैपिंग, 41 में कार्य जारी

बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 16 विभाग अपनी सरकारी परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग का कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर चुके हैं, जबकि 41 विभागों में मैपिंग का कार्य प्रगति पर है

जिलाधिकारी ने शेष विभागों को भी अभियान के रूप में कार्य करते हुए लंबित पॉलीगॉन मैपिंग जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी परिसंपत्तियों की सटीक डिजिटल मैपिंग से उनकी सीमाओं का स्पष्ट निर्धारण होगा और अतिक्रमण की पहचान एवं उसके विरुद्ध कार्रवाई में भी मदद मिलेगी।

अधिकारियों की तय होगी व्यक्तिगत जवाबदेही

डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी परिसंपत्तियों की सुरक्षा और उन्हें अतिक्रमण मुक्त रखना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एमडीडीए के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेन्द्र पाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी एस. गुरंग, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, डीपीओ जीतेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।