चारधाम विकास परियोजनाओं की समीक्षा: स्वच्छता, निर्माण और रखरखाव पर सरकार का विशेष जोर

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केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान की समीक्षा: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने तय की समयसीमा, कूड़ा प्रबंधन और मेंटेनेंस फ्रेमवर्क पर दिया विशेष जोर

देहरादून।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं पुनर्विकास परियोजना तथा बद्रीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने दोनों धामों में संचालित परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, निर्धारित समयसीमा और भविष्य की कार्ययोजना का बिंदुवार आकलन करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने केदारनाथ धाम में प्रस्तावित विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन छह ब्लॉकों का निर्माण कार्य अभी शुरू होना शेष है, उन्हें बिना किसी विलंब के तत्काल प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किए जा सकें और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देश दिए कि केदारनाथ यात्रा क्षेत्र के लिए एक व्यापक एवं एकीकृत ठोस अपशिष्ट (Solid Waste) प्रबंधन योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए कूड़े के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और सुरक्षित निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक वित्तीय, तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएगी, ताकि धाम क्षेत्र की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान फेज-1 एवं फेज-2 के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक कार्य की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित किए जा रहे विभिन्न स्थलों पर कंटेंट डेवलपमेंट, सूचना प्रणाली, कलात्मक कार्य (आर्ट वर्क) तथा अन्य सौंदर्यीकरण कार्य भी निर्माण गतिविधियों के समानांतर शुरू किए जाएं, ताकि परियोजना पूर्ण होने के साथ ही सभी सुविधाएं उपयोग के लिए तैयार हों।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में विकसित की जा रही सभी परिसंपत्तियों (Assets) और सार्वजनिक सुविधाओं के संचालन एवं रखरखाव (Operation & Maintenance) के लिए अग्रिम रूप से एक स्पष्ट फ्रेमवर्क तैयार किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं को इन परिसंपत्तियों का संचालन और रखरखाव सौंपा जाना है, उनका चयन पहले से सुनिश्चित कर लिया जाए। इससे परियोजनाओं के हस्तांतरण (Hand Over) के बाद रखरखाव संबंधी जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण होगा और सुविधाओं का संचालन बिना किसी व्यवधान के किया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों धामों में चल रही सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त धार्मिक अवसंरचना उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा रुद्रप्रयाग और चमोली सहित संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।