30 जुलाई से शुरू होगी कांवड़ यात्रा, मुख्य सचिव ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के दिए सख्त निर्देश

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कांवड़ यात्रा 2026: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने तैयारियों की समीक्षा, पंचक काल में विशेष भीड़ प्रबंधन के निर्देश

देहरादून।
उत्तराखंड में आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने संबंधित विभागों, कांवड़ मार्ग से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए रूट प्लान, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा और जनसुविधाओं की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पड़ने वाले ‘पंचक काल’ में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग, चिकित्सा और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों की संख्या के अनुरूप यात्रा मार्ग, कांवड़ पटरी तथा प्रमुख पड़ाव स्थलों पर पर्याप्त पेयजल, मोबाइल शौचालय, विश्राम स्थल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगर निकायों और संबंधित विभागों को नियमित कूड़ा उठान, कचरा परिवहन, कीटनाशक छिड़काव, फॉगिंग तथा पर्याप्त पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर अस्थायी सेक्टर चिकित्सालय, प्राथमिक उपचार केंद्र, बीएलएस एंबुलेंस, बाइक एंबुलेंस तथा मेडिकल टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्य सचिव ने हरिद्वार आने वाले वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग स्थलों के विस्तारीकरण एवं मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख कांवड़ मार्गों पर आवश्यक बैरिकेडिंग, सड़क मरम्मत, साफ-सफाई और मार्ग सुधार का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।

बैठक में यूपीसीएल को संपूर्ण यात्रा मार्ग का पावर सप्लाई ऑडिट कराने तथा भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्थायी विद्युत व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि यात्रा के दौरान संचालित होने वाले स्थायी एवं अस्थायी खाद्य स्टॉल, होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, धार्मिक भंडारे, दुग्ध उत्पाद विक्रेता तथा खाद्य आपूर्ति वाहनों का नियमित निरीक्षण किया जाए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित कर व्यापक सैंपलिंग अभियान भी चलाया जाए।

मुख्य सचिव ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को कांवड़ मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ शीघ्र अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित कर यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और सूचना आदान-प्रदान को लेकर समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे कांवड़ यात्रा निर्बाध और सुरक्षित ढंग से संचालित हो सके।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, विनोद कुमार सुमन, धीरज गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, गढ़वाल आयुक्त आनन्द स्वरूप, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया, जिलाधिकारी टिहरी नीतिका खंडेलवाल सहित संबंधित जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।