SIR-2026: देहरादून में 100% गणना प्रपत्र वितरण, 86.34% डिजिटाइजेशन पूरा

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SIR-2026: देहरादून में 100% गणना प्रपत्र वितरण, 86.34% डिजिटाइजेशन पूर्ण | मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026

एसआईआर-2026 अभियान में देहरादून ने बनाई मिसाल: 100% गणना प्रपत्र वितरण, 86.34% डिजिटाइजेशन पूर्ण

देहरादून।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 अभियान के अंतर्गत देहरादून जनपद ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए सभी पात्र मतदाताओं तक 100 प्रतिशत गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) का वितरण पूरा कर लिया है। साथ ही प्राप्त प्रपत्रों में से 86.34 प्रतिशत का डिजिटाइजेशन भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप अभियान की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना तथा राजनीतिक दलों की सहभागिता पर विस्तार से चर्चा की गई।

13.76 लाख मतदाताओं तक पहुंचे गणना प्रपत्र

बैठक में जानकारी दी गई कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड सहित देश के चयनित राज्यों में 01 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत 08 जून से 07 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करने एवं उन्हें भरवाकर एकत्रित करने का कार्य किया गया।

देहरादून जनपद में कुल 13,76,813 मतदाताओं को गणना प्रपत्रों का 100 प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया गया है। इनमें से 11,88,720 गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है, जो कुल प्रपत्रों का 86.34 प्रतिशत है। शेष प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन, सत्यापन एवं डेटा अपलोडिंग का कार्य तेजी से जारी है।

छूटे मतदाताओं तक दोबारा पहुंचे बीएलओ

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विधानसभावार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं, उनके घरों पर पुनः संपर्क स्थापित किया जाए और प्रत्येक पात्र मतदाता से गणना प्रपत्र भरवाना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने सभी बीएलओ (Booth Level Officers) एवं सुपरवाइजर्स को नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण कर कार्यों की निगरानी करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

अप्राप्त प्रपत्रों का श्रेणीवार सत्यापन जारी

बैठक में बताया गया कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं, उनका प्रारंभिक वर्गीकरण विभिन्न श्रेणियों में किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—

  • मृत मतदाता,
  • स्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरित,
  • अस्थायी रूप से अनुपस्थित,
  • पूर्व से अन्य स्थान पर पंजीकृत,
  • तथा अन्य विशेष परिस्थितियों वाले मामले शामिल हैं।

इन सभी मामलों का पुनः सत्यापन कराया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार संबंधित बीएलए-2 (Booth Level Agent) का सहयोग भी लिया जा रहा है, ताकि निर्वाचक नामावली पूरी तरह शुद्ध एवं अद्यतन बनाई जा सके।

राजनीतिक दलों से मांगा सक्रिय सहयोग

जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने बीएलए के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए यह आवश्यक है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे

उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुद्धता बनाए रखने के लिए प्रशासन, निर्वाचन विभाग तथा सभी राजनीतिक दलों के बीच समन्वय और सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।

आगामी कार्यक्रमों की भी दी गई जानकारी

बैठक के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की आगामी समय-सारिणी, दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया, मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तथा अन्य निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई।

बैठक में रहे उपस्थित

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें भाजपा से अरविंद जैन, सीपीआई(एम) से अनंत आकाश, बसपा से सत्येंद्र चौपड़ा, आम आदमी पार्टी से कमल राणा तथा अन्य प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।