मुख्यमंत्री धामी सख्त: लंबित घोषणाओं पर 15 जून तक कार्रवाई के आदेश

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CM Dhami Slams Officials | June 15 Deadline for Pending Announcements | Uttarakhand News

बिना तैयारी बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर सीएम धामी सख्त, 15 जून तक सभी लंबित घोषणाओं पर कार्रवाई के निर्देश

देहरादून, सोमवार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में बिना तैयारी के पहुंचे अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में अधिकारी पूरी तैयारी तथा तथ्यात्मक जानकारी के साथ ही बैठकों में उपस्थित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और जनता से किए गए वादों को तय समयसीमा में धरातल पर उतारना शासन की जिम्मेदारी है।


समन्वय की कमी पर फटकार, रिपोर्ट तलब

सीएम धामी ने विभागों के बीच तालमेल की कमी पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आपसी समन्वय के अभाव में विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित हो रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी विभागों से घोषणाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


15 जून तक शासनादेश जारी करने के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि

  • सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक हर हाल में जारी किए जाएं
  • जिन योजनाओं के शासनादेश जारी हो चुके हैं, उन पर तत्काल कार्य शुरू किया जाए
  • अनावश्यक देरी पर जवाबदेही तय होगी

उन्होंने यह भी कहा कि लंबित कार्यों की समीक्षा के लिए 15 जून से पहले दोबारा सचिवों की बैठक आयोजित की जाएगी।


शिलापट्ट न लगाने पर जिलाधिकारी जिम्मेदार

सीएम ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कई स्थानों पर कार्य शुरू होने के बावजूद शिलापट्ट नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि

सभी कार्यस्थलों पर शिलापट्ट लगाना अनिवार्य होगा, अन्यथा संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे।


जिला स्तर के मामलों को शासन तक लाने पर नाराजगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो मामले जिला स्तर पर ही सुलझाए जा सकते हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से शासन स्तर तक लाना प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि

  • जिस स्तर पर मामला लंबित है, वहीं उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए

चार विधानसभा क्षेत्रों की गहन समीक्षा

बैठक में अल्मोड़ा जनपद के चार विधानसभा क्षेत्रों—सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर—की विकास घोषणाओं की विस्तार से समीक्षा की गई:

  • सोमेश्वर (90 घोषणाएं): पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
  • सल्ट (69 घोषणाएं): पर्यटन, ग्राम्य विकास, चिकित्सा, लोक निर्माण और शिक्षा परियोजनाओं पर फोकस
  • रानीखेत (33 घोषणाएं): सड़क, पर्यटन, खेल और आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता
  • जागेश्वर (48 घोषणाएं): धार्मिक पर्यटन, संस्कृति, आवास और पेयजल योजनाओं में तेजी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि जागेश्वर क्षेत्र धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां की परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।


“जनता से किए वादे हर हाल में पूरे हों”

सीएम धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि

“जनता से किए गए वादों को हर हाल में पूरा किया जाए। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और योजनाओं की नियमित समीक्षा का उद्देश्य यही है कि जनता को समय पर लाभ मिल सके।


बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, संबंधित क्षेत्रों के विधायक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित विभिन्न विभागों के सचिव और जिलाधिकारी उपस्थित रहे।