महिला स्वयं सहायता समूहों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने के निर्देश

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महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा ऑनलाइन बाजार | DM ने Google Maps पंजीकरण के दिए निर्देश, कालसी विकास योजनाओं का निरीक्षण

महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा ऑनलाइन बाजार, गूगल मैप्स पर पंजीकरण के निर्देश

उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर

देहरादून।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को कालसी क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न विकास परियोजनाओं एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया और विपणन व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें Google Maps पर पंजीकृत कराया जाए। इससे उत्पादों की पहुंच स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाई जा सकेगी।

जिलाधिकारी ने कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर का भ्रमण कर वहां संचालित औद्योगिक और स्वरोजगार गतिविधियों की समीक्षा की। यहां एप्पल जैम, चटनी और अदरक कैंडी जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन उत्पादों के विपणन के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए।

हरिपुर स्थित विकास महिला सीएलएफ द्वारा संचालित कोल्ड प्रेस्ड ऑयल यूनिट का निरीक्षण करते हुए उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की और इसे स्वास्थ्यवर्धक बताते हुए बाजार विस्तार पर जोर दिया। साथ ही, ग्रोथ सेंटर में पानी की समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने धोईरा स्थित अमृत सरोवर का निरीक्षण कर उसके रखरखाव, जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मत्स्य पालन का प्रशिक्षण दिया जाए तथा सरोवर के प्रचार-प्रसार के लिए ठोस योजना तैयार की जाए।

यह सरोवर मनरेगा के तहत निर्मित है और लगभग सात माह पूर्व महिला समूह को हस्तांतरित किया गया था, जहां वर्तमान में प्राकृतिक तरीके से मत्स्य पालन किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने कालसी डेयरी फार्म का भी निरीक्षण कर दुग्ध उत्पादन, पशुपालन व्यवस्थाओं और स्थानीय रोजगार की स्थिति का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने पशुओं के बाड़ों, उपचार सुविधाओं और अल्ट्रासाउंड मशीन का निरीक्षण किया।

उन्होंने मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन की उपलब्धता के लिए संबंधित अधिकारियों को समन्वय करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान परिसर में पौधरोपण भी किया गया।

वर्ष 1962 में स्थापित पशु प्रजनन फार्म कालसी को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां रेड सिंधी और जर्सी नस्ल की गायों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। यह केंद्र भ्रूण प्रत्यारोपण (Embryo Transfer) तकनीक के माध्यम से पशुधन सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

साथ ही, वर्ष 2010 से संचालित चारा बैंक किसानों को राहत सामग्री और विशेष पशु आहार उपलब्ध करा रहा है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं और इकाइयों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए तथा स्थानीय लोगों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए प्रयास तेज किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण, उप जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।