मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में 140 छात्र-छात्राओं से संवाद, धामी बोले- युवाओं के विचारों से बनेगा विकसित उत्तराखण्ड

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CM Dhami Interacts with 140 Students, Announces DBT for Tablets

विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में युवाओं के विचार निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री धामी

CM Dhami interacted with 140 selected students at Yuva Vidyarthi Manthan. DBT support announced for tablets for Classes 10 and 12.

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित 140 छात्र-छात्राओं से मुख्यमंत्री ने किया संवाद

राजकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब के लिए DBT के माध्यम से दी जाएगी धनराशि

2 लाख 67 हजार 744 विद्यार्थियों ने निबंध, विचार और सुझावों के माध्यम से साझा किया विकसित उत्तराखण्ड का विजन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित 140 छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उत्तराखण्ड के विकास, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, पर्यावरण, तकनीक, स्वास्थ्य, पलायन और सुशासन सहित विभिन्न विषयों पर उनके विचार और सुझाव जाने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के विचारों में भविष्य के उत्तराखण्ड की दिशा तय करने की क्षमता है। विद्यार्थियों से प्राप्त उपयोगी, व्यावहारिक और नवाचार आधारित सुझावों को राज्य सरकार की योजनाओं एवं नीति-निर्धारण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और युवाओं के बीच निरंतर संवाद से नई सोच को शासन व्यवस्था से जोड़ने और बेहतर नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी।

कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब के लिए DBT से मिलेगी धनराशि

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके बैंक खातों में DBT के माध्यम से धनराशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिवेश में विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक, आधुनिक ज्ञान और नए कौशल से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है।

2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने साझा किए विचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान के तहत प्रदेश के 2 लाख 67 हजार 744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध, विचार और सुझाव साझा किए। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि उत्तराखण्ड की युवा पीढ़ी अपने राज्य के भविष्य और विकास को लेकर जागरूक है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क एवं संपर्क, वन एवं पर्यावरण, खेल, पलायन, स्वरोजगार, स्टार्टअप तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने सहित अनेक विषयों पर सुझाव दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की सोच, ऊर्जा और नवाचार विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट विचार देने वाले विद्यार्थी सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के विभिन्न उप-विषयों में उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

  • शिक्षा एवं युवा अवसर: मयूह भंडारी और रवीना
  • पर्यावरण, वन एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता: शेरोन कपूर
  • स्वास्थ्य एवं जन सेवाएं: सतीश कुमार
  • पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन एवं रोजगार: माही बलाई
  • सड़क, संपर्क एवं आधारभूत संरचना: श्रितिका रावत
  • प्रौद्योगिकी एवं सुशासन: प्रियांशु सजवाण
  • पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था: दृष्टि चौहान
  • महिला एवं बाल कल्याण: अनुष्का नेगी

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

AI, रोबोटिक्स और आधुनिक कौशल से युवाओं को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, डिजिटल तकनीक और आधुनिक मांग आधारित कौशल से जोड़ना जरूरी है। सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को रोजगार प्राप्त करने के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमिता और स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार सृजित करने के लिए भी प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। स्थानीय संसाधनों, प्रतिभा और नवाचार को अवसरों से जोड़कर युवाओं के लिए नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।

प्रशासन और युवाओं के बीच संवाद को बताया जरूरी

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों के साथ किए गए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन और युवाओं के बीच इस प्रकार का वैचारिक मंथन नई सोच को सामने लाने में सहायक है। इससे नीति-निर्माण में युवाओं की अपेक्षाओं और सुझावों को समझने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में आज की युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उत्तराखण्ड के युवाओं में प्रतिभा और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें सही अवसर, उचित दिशा और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने की है।

विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और निरंतर मेहनत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, लगातार मेहनत करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम जरूरी है।

पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरे समर्पण के साथ मेहनत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवा उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उनकी ऊर्जा, नवाचार और परिश्रम राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान एवं निबंध प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए विद्यालयी शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।

विद्यार्थियों ने विकास से जुड़े मुद्दों पर रखे सुझाव

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद करते हुए राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त की।

उत्तरकाशी के अनमोल प्रमार ने सुझाव दिया कि सरकार की स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी ग्राम स्तर तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया।

रुद्रपुर की वैष्णवी ने वरिष्ठ नागरिकों के ज्ञान और अनुभव को संरक्षित करने तथा युवा पीढ़ी के हित में उपयोग करने के लिए ‘नॉलेज बैंक’ विकसित करने का सुझाव दिया।

कालसी की कसिस ने उत्तराखण्ड में औषधीय वनस्पतियों की व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए इनके माध्यम से वैश्विक बाजार में राज्य की विशिष्ट पहचान बनाने की दिशा में काम करने का सुझाव दिया।

अल्मोड़ा के भरत ने पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का उल्लेख करते हुए दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ पर्यटन प्रथाओं का अध्ययन कर उन्हें उत्तराखण्ड की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने का सुझाव दिया।

वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार, ज्योति यादव, धीराज गर्ब्याल, सी. सविशंकर, अपर सचिव आलोक कुमार पाण्डेय, बंशीधर तिवारी, संदीप तिवारी, नमामि बंसल, झरना कमठान, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोण्डे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।