रेड अलर्ट के बीच ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम, सहस्रधारा-सरोना मार्ग तुरंत खोलने के निर्देश

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Dehradun Heavy Rain: DM Ashish Chauhan Inspects Disaster-Prone Areas, Orders Road Restoration & Safety Measures

भारी बारिश के बीच ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम डॉ. आशीष चौहान, संवेदनशील क्षेत्रों का किया निरीक्षण

कार्लीगढ़, सहस्रधारा और सपेरा बस्ती का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए सुरक्षा और राहत के कड़े निर्देश

चार स्थानों पर बंद सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग को दोनों ओर से जेसीबी लगाकर तत्काल खोलने के निर्देश, संवेदनशील परिवारों की निगरानी बढ़ाने पर जोर

देहरादून, 09 जुलाई 2026।

उत्तराखंड में भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट और जनपद देहरादून में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान स्वयं गुरुवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और सहस्रधारा, कार्लीगढ़ तथा आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील सपेरा बस्ती का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चार स्थानों पर बंद सहस्रधारा-सरोना मार्ग को तत्काल खोलने के निर्देश

जिलाधिकारी ने सबसे पहले सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग का निरीक्षण किया, जहां भारी वर्षा के कारण मलबा आने से सड़क चार अलग-अलग स्थानों पर अवरुद्ध हो गई है।

मौके पर मौजूद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिशासी अभियंता ने बताया कि पिछली आपदा के दौरान यह मार्ग 11 से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ था। तत्कालीन परिस्थितियों में इसे अस्थायी रूप से चालू तो कर दिया गया, लेकिन स्थायी सुरक्षा कार्य एवं पर्याप्त बजट के अभाव में हल्की बारिश के दौरान भी मार्ग बार-बार बाधित हो जाता है।

इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल दोनों ओर से जेसीबी मशीनें लगाकर मलबा हटाने और सड़क को शीघ्र यातायात के लिए खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के स्थायी ट्रीटमेंट, ढाल सुरक्षा और प्रोटेक्शन कार्यों के लिए शासन स्तर पर स्वयं पहल की जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों को हर वर्ष बरसात में इस समस्या का सामना न करना पड़े।

कार्लीगढ़ में नदी पार रहने वाले परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

कार्लीगढ़ क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि पिछली आपदा के दौरान जमा हुए मलबे का निस्तारण, समतलीकरण तथा नदी चैनलाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है।

हालांकि नदी के दूसरी ओर निवास कर रहे परिवारों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने तहसील प्रशासन को निर्देशित किया कि ऐसे सभी परिवारों के पास पर्याप्त राशन, पेयजल, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें।

इसके साथ ही सभी परिवारों के मोबाइल नंबर जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) में दर्ज किए जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें तत्काल अलर्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

सपेरा बस्ती में सुरक्षात्मक कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश

आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मानी जाने वाली सपेरा बस्ती में जिलाधिकारी स्वयं स्थानीय निवासियों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नाले के वैज्ञानिक ट्रीटमेंट, क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण तथा आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों का तत्काल आगणन (एस्टीमेट) तैयार कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने नगर निगम अधिकारियों से कहा कि जिन मकानों में जोखिम अधिक है, वहां रहने वाले परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही बारिश के दौरान चेतावनी एवं अलर्ट प्रणाली को पूरी तरह प्रभावी बनाया जाए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिले में 25.75 मिमी वर्षा रिकॉर्ड, कई सड़कें प्रभावित

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार 09 जुलाई को जनपद देहरादून में औसतन 25.75 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है, जबकि गंगा और टोंस नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। प्रशासन लगातार तीनों नदियों की निगरानी कर रहा है।

भूस्खलन और मलबा आने के कारण हरिपुर–इच्छाड़ी–कुवानू–मीनास राज्य मार्ग तीन स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है, जिसे प्रशासन द्वारा आज सायं तक यातायात के लिए सुचारु किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अतिरिक्त जिले के 14 ग्रामीण मार्ग भी बाधित हुए हैं। संबंधित विभागों द्वारा जेसीबी एवं अन्य मशीनों की सहायता से मलबा हटाकर सभी मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

निरीक्षण के दौरान पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह गुसाईं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दीक्षांत गुप्ता, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।