Dehradun DM Inspects 12-km Greenfield Bypass Project | Delhi-Dehradun Economic Corridor
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किमी ग्रीनफील्ड बाईपास परियोजना का डीएम ने किया निरीक्षण
निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
देहरादून, 06 अगस्त 2026।
देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड फोर-लेन बाईपास परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को परियोजना के निर्माण में तेजी लाने, निर्धारित समयसीमा का पालन करने तथा उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने परियोजना के विभिन्न निर्माण स्थलों का दौरा करते हुए सड़क निर्माण, पुल एवं अन्य संरचनाओं की प्रगति, उपलब्ध मशीनरी, मानव संसाधन और कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक निर्माण चरण की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और कहा कि यह परियोजना देहरादून की भविष्य की यातायात व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद शहर में प्रवेश करने वाले भारी और ट्रांजिट वाहनों को बाहरी मार्ग से डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक होगा।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों से कहा कि सभी कार्यस्थलों पर पर्याप्त संख्या में मशीनरी, तकनीकी संसाधन और श्रमिक उपलब्ध कराए जाएं ताकि परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हो सके।
उन्होंने परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रत्येक चरण की प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही भूमि अधिग्रहण, तकनीकी चुनौतियों अथवा प्रशासनिक स्तर पर आने वाली किसी भी समस्या का त्वरित समाधान करने पर जोर दिया, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के निरंतर जारी रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क निर्माण में टिकाऊपन और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, यातायात डायवर्जन और अन्य सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण अवधि के दौरान आम नागरिकों और वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
716 करोड़ की परियोजना, अप्रैल 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य
एनएचएआई अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि लगभग 716 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही यह ग्रीनफील्ड बाईपास परियोजना झाझरा से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के नए पांवटा साहिब/बल्लूपुर खंड को जोड़ते हुए आशारोड़ी चेक पोस्ट के निकट दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ेगी।
परियोजना को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पूरा होने पर देहरादून शहर में यातायात का दबाव कम होगा, शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बनेगी और लोगों का यात्रा समय भी घटेगा। साथ ही प्रदूषण में कमी आने और शहर के समग्र यातायात प्रबंधन में सुधार होने की भी उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव सहित एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना की वर्तमान प्रगति, शेष कार्यों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी भी दी।
समापन में जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित से जुड़ी इस महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजना को समयबद्ध, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना सभी संबंधित विभागों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।





