मसूरी रोड के संवेदनशील प्वाइंट्स पर डीएम का एक्शन, स्थायी समाधान के लिए बनेगी डीपीआर

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Dehradun DM Inspects Mussoorie Road, DPR Planned for Landslide Risks

मसूरी रोड के संवेदनशील प्वाइंट्स पर डीएम का एक्शन, स्थायी समाधान के लिए बनेगी डीपीआर

 

देहरादून, 02 सितंबर 2026। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को मसूरी रोड के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क, पहाड़ी ढलानों और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वर्षाकाल में भूस्खलन, पहाड़ी से मलबा आने और सड़क मार्ग बाधित होने की संभावनाओं को देखते हुए संबंधित विभागों को 24 घंटे निगरानी, पर्याप्त मशीनरी की उपलब्धता और आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पानीवाला बैंड, ग्लोगी सहित अन्य संवेदनशील प्वाइंट्स पर सड़क की स्थिति, पहाड़ी ढलानों, जल निकासी व्यवस्था और संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इन स्थानों का तकनीकी परीक्षण कर जोखिम वाले क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए।

बार-बार प्रभावित क्षेत्रों का होगा वैज्ञानिक अध्ययन

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन स्थानों पर भूस्खलन और मलबे के कारण बार-बार सड़क बाधित होती है, वहां केवल तात्कालिक राहत के बजाय वैज्ञानिक और दीर्घकालिक समाधान पर काम किया जाए। उन्होंने सभी चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए।

डीपीआर में क्षेत्र की भूगर्भीय एवं तकनीकी परिस्थितियों का अध्ययन करते हुए सड़क सुरक्षा, पहाड़ी ढलानों का उपचार, मलबे के ठहराव की समस्या, जल निकासी, रिटेनिंग वॉल, प्रोटेक्शन वर्क तथा अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों को शामिल करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य भविष्य में बारिश के दौरान सड़क क्षति और मार्ग अवरोध की घटनाओं को न्यूनतम करना है।

मार्ग बाधित होते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश

डीएम ने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में मसूरी रोड की 24 घंटे निगरानी की जाए और भूस्खलन या मलबा आने से मार्ग बाधित होने पर बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर सड़क को खोला जाए।

उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड, डंपर और अन्य आवश्यक मशीनरी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आपात स्थिति में राहत एवं सड़क खोलने का कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।

नालियों और जल निकासी व्यवस्था की नियमित सफाई

जिलाधिकारी ने सड़क किनारे जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नालियों, पुलियों और भूमिगत जल निकासी प्रणालियों की नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश का पानी सड़क और पहाड़ी ढलानों को नुकसान न पहुंचाए।

इसके साथ ही संभावित भूस्खलन क्षेत्रों और मलबा जमा होने वाले स्थानों की लगातार निगरानी कर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। सड़क सुरक्षा के लिए चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।

जिला और तहसील स्तर पर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम

वर्षाकाल में संभावित आपदा के मद्देनजर जिलाधिकारी ने जिला आपदा कंट्रोल रूम के साथ-साथ संबंधित तहसील और ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय एवं समन्वित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलते ही संबंधित टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करें।

राजस्व विभाग की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने तथा बारिश और भूस्खलन से होने वाली संभावित क्षति का आकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

भारी बारिश में संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आमजन से अपील की कि भारी वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसम के दौरान केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही यात्रा करें। उन्होंने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों, गधेरों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचने को कहा।

उन्होंने बताया कि वर्षाकाल में इन स्थानों पर पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है, इसलिए लोगों को मौसम और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करते हुए अनावश्यक जोखिम से बचना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।