Anti Drug Campaign: देहरादून में ड्रग्स पर बड़ा एक्शन, 208 केस, 237 जेल

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Dehradun Drug Crackdown: 208 NDPS Cases, 237 Jailed | Uttarakhand

नशे के खिलाफ देहरादून प्रशासन का बड़ा एक्शन: 208 मुकदमे, 237 अभियुक्त जेल भेजे; अवैध नशामुक्ति केंद्र होगा सीज

 

Dehradun intensifies its anti-drug crackdown with 208 NDPS cases and 237 accused sent to jail in 2026. DM orders action against illegal de-addiction centres and digital monitoring.

 

नशामुक्त उत्तराखंड अभियान को धार: डीएम डॉ. आशीष चौहान ने ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने और पुनर्वास केंद्रों की निगरानी के दिए सख्त निर्देश

 

देहरादून, 02 सितंबर 2026। राजधानी देहरादून में नशे के बढ़ते नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की समीक्षा बैठक में ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने, नशामुक्ति केंद्रों की निगरानी मजबूत करने और शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

बिना पंजीकरण चल रहे नशामुक्ति केंद्र पर तत्काल कार्रवाई

मोथरोवाला क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे एक नशामुक्ति केंद्र की शिकायत सामने आने पर जिलाधिकारी ने उसे तत्काल सीज करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

डीएम ने सभी नशामुक्ति केंद्रों की केंद्रीकृत एवं ऑनलाइन निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से केंद्रों की गतिविधियों, व्यवस्थाओं और अनुपालन की एक क्लिक पर मॉनिटरिंग की जा सकेगी।

कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बढ़ेगी निगरानी

जिलाधिकारी ने कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में औचक निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए। ड्रग्स के संभावित मामलों की पहचान के लिए रैंडम सैंपलिंग कराने, सभी छात्रों से अनिवार्य रूप से ई-शपथ भरवाने तथा नियमित एंटी-ड्रग्स जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में नशे की प्रवृत्ति की समय रहते पहचान कर रोकथाम के प्रभावी उपाय किए जाएं। साथ ही, सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

GIS मैपिंग से चिन्हित होंगे ड्रग्स हॉटस्पॉट

पुलिस विभाग को पूर्व के अपराध आंकड़ों का GIS आधारित विश्लेषण कर नशे से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों और हॉटस्पॉट को चिह्नित करने को कहा गया है। इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए ड्रग्स की डिमांड और सप्लाई, दोनों स्तरों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डीएम ने मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरों, दवा रजिस्टर और स्टॉक रजिस्टर की नियमित जांच के भी निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम, गांजा और भांग के अवैध उत्पादन एवं विपणन में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

छात्रावास, PG और कोचिंग संस्थान भी निगरानी के दायरे में

जिलाधिकारी ने छात्रावासों, पेइंग गेस्ट आवासों, कोचिंग संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और शराब का सेवन करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।

2026 में अब तक 208 NDPS मामले, 237 अभियुक्त जेल भेजे गए

बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक NDPS Act के तहत 208 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि 237 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है

ड्रग्स की डिमांड और सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए प्रकाश में आए 40 अभियुक्तों के खिलाफ धारा 29 तथा चार अभियुक्तों के खिलाफ धारा 27ए के तहत कार्रवाई की गई है।

जुलाई तक 58 औचक निरीक्षण, 15 मामलों में सैंपलिंग

औषधि विभाग के अनुसार जुलाई 2026 तक जिले में 58 औचक निरीक्षण किए गए। इस दौरान 15 संदिग्ध मामलों में ड्रग्स के नमूने लिए गए। नकली अथवा मिलावटी दवाओं के निर्माण से जुड़े चार मामलों में एफआईआर दर्ज की गई, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

75 बेड के राजकीय नशामुक्ति केंद्र के लिए 132 लाख रुपये की पहली किस्त जारी

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि राजकीय वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह, रायवाला के समीप 0.4050 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित 75 बेड के राजकीय नशामुक्ति केंद्र के भवन निर्माण के लिए 775.09 लाख रुपये की डीपीआर शासन को भेजी गई है।

इसके सापेक्ष भारत सरकार की ओर से पहली किस्त के रूप में 132 लाख रुपये निदेशालय को अवमुक्त किए जा चुके हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, ओसी कलेक्ट्रेट रविन्द्र ज्वांठा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग से डॉ. दीपा मेहरा रावत, सीओ सदर अक्षित कंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूड़ी, जिला आबकारी अधिकारी वीरेंद्र कुमार जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, एनजीओ आसरा से जसवीर रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।