SIT investigation loan fraud: देहरादून में ऋण फर्जीवाड़े पर सख्ती, SIT जांच के निर्देश

0
16

Dehradun Loan Fraud: DM Orders SIT Probe, Strict Action Against Agents

ऋण फर्जीवाड़े पर देहरादून जिला प्रशासन सख्त, संदिग्ध मामलों की होगी SIT जांच

Dehradun DM Dr Ashish Chauhan orders strict action against loan fraud, SIT probes in suspicious cases and monitoring of NBFCs, HFCs and loan agents.

फर्जी तरीके से लोन दिलाने वाले एजेंटों और बिचौलियों के नेटवर्क पर कार्रवाई की तैयारी, डीएम डॉ. आशीष चौहान ने दिए सख्त निर्देश

 

देहरादून। जनपद देहरादून में ऋण और ऋण बीमा से जुड़े फर्जीवाड़े की लगातार मिल रही शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने ऐसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को आर्थिक धोखाधड़ी से बचाने के लिए एनबीएफसी (NBFC), एचएफसी (HFC), बैंकिंग संस्थाओं और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद में कार्यरत विभिन्न एनबीएफसी एवं एचएफसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऋण वितरण प्रक्रिया, एजेंटों और बिचौलियों की भूमिका, ऋण वसूली, ऋण बीमा तथा फर्जीवाड़े से संबंधित प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।

आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि रोजगार, व्यवसाय या अन्य आर्थिक जरूरतों के लिए ऋण लेने वाले लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से लोन दिलाने, अनावश्यक दस्तावेज तैयार कराने अथवा एजेंटों के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनपद में ऋण फर्जीवाड़े से संबंधित शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक संदिग्ध प्रकरण की जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ऋण फर्जीवाड़े की निगरानी के लिए बनेगी समिति

जिलाधिकारी ने प्रभावी निगरानी और विभागीय समन्वय के लिए लीड बैंक मैनेजर (LDM) को संबंधित विभागों एवं वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए।

यह समिति ऋण फर्जीवाड़े से संबंधित शिकायतों, संदिग्ध ऋण खातों और एजेंटों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और प्रत्येक माह संबंधित संस्थाओं एवं अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। इसके लिए एलडीएम को मासिक समीक्षा की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

गंभीर मामलों की SIT से होगी जांच

डीएम ने कहा कि गंभीर और संदिग्ध ऋण फर्जीवाड़े के मामलों में आवश्यकता के अनुसार एसआईटी (Special Investigation Team) से जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान यदि किसी बैंक, वित्तीय संस्था, एजेंट, बिचौलिए या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने विशेष रूप से उन शिकायतों का संज्ञान लिया, जिनमें आरोप है कि कुछ मामलों में ऋण लेने वाले व्यक्ति की वास्तविक आर्थिक स्थिति और पुनर्भुगतान क्षमता का समुचित आकलन किए बिना एजेंटों के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि ऐसी अनियमितताओं में किसी संस्था के प्रबंधन या जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पाई जाती है तो संबंधित प्रबंधक एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

NBFC और HFC को देनी होगी ऋण एवं रिकवरी की विस्तृत जानकारी

जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी एनबीएफसी एवं एचएफसी को उनके द्वारा वितरित ऋणों और लंबित रिकवरी मामलों की विस्तृत सूची प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त सूचनाओं का परीक्षण कर संदिग्ध मामलों को चिन्हित किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार इन मामलों की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने कहा कि वित्तीय संस्थाओं को ऋण वितरण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। यदि किसी एजेंट या बिचौलिए द्वारा नियमों के विपरीत कार्य किए जाने की शिकायत सामने आती है तो संबंधित संस्था की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

सभी तहसीलों में टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में टास्क फोर्स गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रत्येक एसडीएम अपने क्षेत्र में संचालित एनबीएफसी एवं एचएफसी की विस्तृत सूची तैयार करेंगे।

इसके साथ ही क्षेत्र में सक्रिय मनीलेंडरों तथा ऋण उपलब्ध कराने के नाम पर काम कर रहे एजेंटों और अन्य मध्यस्थों का विवरण भी संकलित किया जाएगा। प्रशासन इन गतिविधियों की निगरानी और जांच करते हुए संदिग्ध नेटवर्क की पहचान करेगा।

फर्जी लोन एजेंटों के नेटवर्क को तोड़ने पर जोर

डीएम ने कहा कि ऋण दिलाने के नाम पर आमजन को भ्रमित करने वाले एजेंटों और फर्जी एजेंसियों के पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे तोड़ना जरूरी है। ऐसे लोग अक्सर रोजगार, व्यवसाय या अन्य आर्थिक जरूरतों के लिए ऋण लेने वाले लोगों को निशाना बनाकर उनसे अनुचित दस्तावेज, शुल्क या अन्य माध्यमों से धोखाधड़ी कर सकते हैं।

उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि को भी संदिग्ध एवं फर्जी तरीके से संचालित एजेंसियों से संबंधित जानकारी साझा करने तथा आवश्यक सूचनाओं का समयबद्ध आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दोषियों को नहीं बख्शेगा जिला प्रशासन

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन के हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थाओं से आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा ऋण फर्जीवाड़े की रोकथाम, संदिग्ध मामलों की पहचान और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, लीड बैंक प्रबंधक राजीव भाटिया, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भरत कुमार सहित विभिन्न एनबीएफसी एवं एचएफसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।