Kumbh Mela 2027: मुख्य सचिव ने हरिद्वार में परखी तैयारियां, निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश

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Kumbh Mela 2027: Chief Secretary Reviews Haridwar Preparations

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों में तेजी, मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने हरिद्वार में निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

Chief Secretary Anand Vardhan reviewed Kumbh Mela 2027 preparations in Haridwar, inspecting key infrastructure projects and directing officials to ensure quality, safety and timely completion.

रोड़ी-बेलवाला से बैरागी कैंप और सीसीआर-2 तक निर्माण स्थलों का लिया जायजा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर

श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखकर कार्य पूरे करने के निर्देश

हरिद्वार, 10 सितंबर 2026। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को धरातल पर परखने के लिए मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन आनंद वर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माण स्थलों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य सचिव अधिकारियों के साथ अरबेनिया वाहन से रोड़ी-बेलवाला, हरकी पैड़ी, ऋषिकुल, रोशनाबाद, कनखल, दक्षद्वीप, बैरागी कैंप और सीसीआर क्षेत्र पहुंचे तथा विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं और निर्धारित समयसीमा की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। उन्होंने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने, निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान करने तथा विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने को कहा।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सड़क, पुल, पैदल मार्ग, पेयजल, स्वास्थ्य, पार्किंग, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित सभी परियोजनाओं को समय से पूरा किया जाना आवश्यक है। निर्माण कार्यों के दौरान आमजन और स्थानीय नागरिकों की सुविधा, यातायात संचालन तथा सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

रोड़ी-बेलवाला और हरकी पैड़ी क्षेत्र की परियोजनाओं का निरीक्षण

मुख्य सचिव ने रोड़ी-बेलवाला क्षेत्र में उत्तराखण्ड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड (UIIDB) की प्रशासनिक मार्ग परियोजना तथा रोड़ी-बेलवाला और हरकी पैड़ी क्षेत्र की पुनर्विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के अनुरूप उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के तहत निर्मित परिसंपत्तियों और विकसित व्यवस्थाओं की पांच वर्ष की अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद उनके स्थायी रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग अथवा निकाय को सौंपने की व्यवस्था अभी से सुनिश्चित की जाए। इसके लिए मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी को संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ प्रस्तावित व्यवस्था का औपचारिक मसौदा तैयार कर शासन की स्वीकृति के लिए भेजने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने हाथीपुल से अलकनंदा के मध्य घाटों के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मजबूत रेलिंग और चेन की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा पैदल आवागमन को सुगम बनाने के निर्देश दिए।

प्रशासनिक मार्ग निर्माण के लिए शासन द्वारा ₹4,325.14 लाख तथा हरकी पैड़ी रिवाइटलाइजेशन कार्य के लिए ₹6,677.21 लाख की धनराशि स्वीकृत है।

ऋषिकुल क्षेत्र में सड़क और हरियाली विकास पर जोर

ऋषिकुल क्षेत्र में मुख्य सचिव ने ओल्ड दिल्ली-नीतिपास मार्ग के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य के दौरान यातायात और स्थानीय आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने सड़क किनारे विकसित किए जा रहे फुटपाथों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कर हरियाली विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया। दूधाधारी चौक से ज्वालापुर तक के हिस्से सहित लोक निर्माण विभाग के अधीन शहर की अन्य आंतरिक सड़कों के नवीनीकरण के लिए ₹2,164.49 लाख की धनराशि स्वीकृत है।

इसके बाद मुख्य सचिव ने शिवमूर्ति चौक, शंकर आश्रम चौक तथा भगत सिंह चौक से विल्केश्वर तक चौराहों के सुधार और पैडेस्ट्रीयन फुटपाथ कार्य का निरीक्षण किया। करीब ₹683.60 लाख की लागत वाली इस परियोजना में पैदल यात्रियों की सुविधा, सुरक्षित आवागमन और यातायात के सुचारु संचालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

रोशनाबाद ड्रग वेयरहाउस और बैरागी कैंप पुल का निरीक्षण

रोशनाबाद में मुख्य सचिव ने ₹251.98 लाख की लागत से निर्माणाधीन ड्रग वेयरहाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित इस महत्वपूर्ण परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

इसके बाद मुख्य सचिव दक्षद्वीप स्थित बैरागी क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने 60 मीटर स्पान के निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। इस परियोजना के लिए ₹1,246.09 लाख की धनराशि स्वीकृत है। उन्होंने पुल निर्माण की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी लेते हुए कार्य को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

सीसीआर-2 भवन का काम मेला शुरू होने से पहले पूरा करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सीसीआर-2 भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कुंभ मेला शुरू होने से पहले भवन को पूरी तरह तैयार करने के लिए निर्माण कार्य में तेजी लाने और आवश्यकता पड़ने पर दिन-रात कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने भवन निर्माण में गुणवत्ता मानकों का विशेष रूप से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

डाम कोठी में विभागवार तैयारियों की समीक्षा

स्थलीय निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने डाम कोठी में कुंभ मेला और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों और अन्य तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को पर्याप्त मानव संसाधन और मशीनरी उपलब्ध रखने तथा निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा।

थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच को लेकर सख्त निर्देश

बैठक में मुख्य सचिव ने कुंभ मेला निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त टीयूवी एसयूडी साउथ एशिया प्रा. लि., क्वालिटी ऑस्ट्रिया सेंट्रल एशिया प्रा. लि. और ब्यूरो वेरिटास (इंडिया) प्रा. लि. के टीम लीडर्स से गुणवत्ता जांच की प्रगति की जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच निरंतर और सख्ती के साथ की जाए। किसी भी परियोजना में गुणवत्ता संबंधी कमी सामने आने पर उसे तत्काल दूर कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित मानकों के अनुरूप ही निर्माण कार्य पूरा हो।

पार्किंग, डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन की भी समीक्षा

मुख्य सचिव ने एनएच परियोजनाओं के निर्माण के कारण प्रभावित होने वाले पार्किंग स्थलों और डायवर्जन मार्गों तक पहुंच के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक मार्गों एवं पुलों की योजनाओं की भी जानकारी ली।

उन्होंने कुंभ के दौरान संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित परिस्थितियों का पूर्व आकलन करते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाओं और आपातकालीन प्रबंधन की तैयारियां पहले से मजबूत की जाएं।

श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव देना प्राथमिकता

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा कि कुंभ मेला-2027 की सफलता के लिए सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं का समन्वित प्रयास जरूरी है। अधिकारियों को टीम भावना के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करना होगा, ताकि मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु बेहतर अनुभव लेकर लौटें, इसके लिए सुविधा, सुरक्षा, सुगमता और स्वागत से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएं।

मेलाधिकारी ने बताई तैयारियों की प्रगति

मेलाधिकारी सोनिका ने मुख्य सचिव को कुंभ मेला से संबंधित निर्माण कार्यों और अन्य तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी कार्य निर्धारित टाइमलाइन के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं तथा परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की निरंतर बहुस्तरीय निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि कुंभ क्षेत्र के पुलों का सुरक्षा ऑडिट संबंधित विभागों द्वारा कराया जा चुका है। साथ ही आईआईटी रुड़की से भी पुलों की जांच कराने का आग्रह किया गया है।

मेलाधिकारी ने यह भी बताया कि सीसीआर-2 भवन की गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त एजेंसी के अतिरिक्त केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान से भी गुणवत्ता जांच कराने का निर्णय लिया गया है।

निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी (कुंभ) डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर, एसएसपी (कुंभ) आयुष अग्रवाल, प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष दत्त, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह, टेक्निकल सेल के अधीक्षण अभियंता डीपी भट्ट, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।