Dehradun National Lok Adalat 2026: 9,080 Cases Resolved in a Single Day
देहरादून में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन, एक दिन में 9080 मामलों का निस्तारण
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में 09 मई 2026 को वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह लोक अदालत प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक जिला मुख्यालय देहरादून सहित बाह्य न्यायालय ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी एवं चकराता में आयोजित की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल वाद, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस प्रकरण, शमनीय आपराधिक मामले तथा अन्य समझौते योग्य मामलों का निस्तारण किया गया। जनपद देहरादून में आयोजित लोक अदालत के दौरान कुल 5844 मामलों का निस्तारण करते हुए 13 करोड़ 36 लाख 35 हजार 816 रुपये की धनराशि पर समझौता कराया गया।
इन मामलों में फौजदारी के शमनीय प्रकृति के 251 मामले, चेक बाउंस से जुड़े 515 मामले, धन वसूली के 17 मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 14 मामले, पारिवारिक विवादों के 105 मामले, पब्लिक यूटिलिटी सर्विस से जुड़े 26 मामले, मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत 4835 शमनीय मामले, उपभोक्ता फोरम के 12 मामले, अन्य सिविल प्रकृति के 34 मामले, आर्बिट्रेशन से संबंधित 9 मामले तथा अन्य समझौते योग्य 26 मामलों का निस्तारण शामिल रहा।
इसके अतिरिक्त बाह्य न्यायालय विकासनगर में 978 मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण करते हुए 22 लाख 67 हजार 653 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ। बाह्य न्यायालय ऋषिकेश में 537 मामलों का निस्तारण कर 2 करोड़ 31 लाख 40 हजार 51 रुपये की धनराशि पर समझौता कराया गया। वहीं डोईवाला न्यायालय में 242 मामलों का निस्तारण कर 22 लाख 80 हजार रुपये तथा मसूरी न्यायालय में 56 मामलों का निस्तारण कर 47 लाख 55 हजार 492 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव एवं वरिष्ठ सिविल जज सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालतें न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सरल और जनोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें आपसी सहमति, सौहार्द और संवाद की भावना को बढ़ावा देती हैं, जिससे समाज में शांति और भाईचारे का वातावरण मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालतें आम नागरिकों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच हैं। लोक अदालतों में पारित निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होते हैं तथा मामलों के निस्तारण के बाद पक्षकारों द्वारा जमा न्याय शुल्क भी वापस किया जाता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न बैंकों और संस्थानों से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निस्तारण किया गया। इस श्रेणी में कुल 3236 मामलों का सफल समाधान करते हुए 2 करोड़ 18 लाख 40 हजार 185 रुपये की धनराशि पर पक्षकारों के बीच समझौता कराया गया।
एक ही दिन में कुल 9080 मामलों के निस्तारण के साथ यह राष्ट्रीय लोक अदालत जनपद देहरादून में त्वरित एवं सुलभ न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।




