Safe Childhood Campaign: देहरादून में 30 न्यायिक अधिकारी बच्चों को बता रहे बाल अधिकार और POCSO कानून

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Safe Childhood Campaign in Dehradun | NALSA

 

देहरादून में ‘सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान’ तेज, 30 न्यायिक अधिकारियों ने विद्यालयों में बच्चों को किया जागरूक

 

NALSA’s Safe Childhood Campaign in Dehradun brings 30 judicial officers to schools to educate children about child rights, the POCSO Act, cyber safety and legal protection.

 

जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने मसूरी के विनबर्ग एलन स्कूल में करीब 500 विद्यार्थियों को दी बाल अधिकारों और POCSO अधिनियम की जानकारी

 

26 से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, बाल संरक्षण और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति बच्चों को किया जा रहा जागरूक

 

देहरादून, 27 अक्टूबर 2026। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उनके अधिकारों के संरक्षण तथा उन्हें शोषण, उत्पीड़न और विभिन्न प्रकार के अपराधों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के तहत देहरादून में ‘सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान’ व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), देहरादून की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत न्यायिक अधिकारी विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी संरक्षण के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

 

विनबर्ग एलन स्कूल में 500 विद्यार्थियों को किया जागरूक

अभियान के तहत मंगलवार को जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल ने मसूरी स्थित विनबर्ग एलन स्कूल में आयोजित जागरूकता शिविर में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 500 विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान के संबंध में जागरूक किया।

जिला न्यायाधीश ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही, किसी भी अनुचित व्यवहार या असुरक्षित परिस्थिति का सामना करने पर सहायता प्राप्त करने, संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया। शिविर का उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों से परिचित कराने के साथ ही उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग और आत्मविश्वासी बनाना रहा।

 

30 न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में चलाए जागरूकता शिविर

इस अभियान के अंतर्गत जनपद देहरादून में विभिन्न स्थानों पर एक साथ जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिला न्यायाधीश के अतिरिक्त देहरादून, मसूरी, विकासनगर, ऋषिकेश, डोईवाला और चकराता सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात 30 अन्य न्यायिक अधिकारी अलग-अलग विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को जागरूक कर रहे हैं।

इस पहल के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों और विद्यार्थियों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि बच्चे अपने अधिकारों, कानूनी सहायता और संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं को समझ सकें। अभियान का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को जागरूक बनाने के साथ-साथ उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

 

बाल संरक्षण विशेषज्ञों और विभिन्न विभागों की भागीदारी

‘सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान’ की विशेषता यह है कि विद्यालयों में आयोजित शिविरों में न्यायिक अधिकारियों के साथ बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों की टीमें भी भाग ले रही हैं। इनमें चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति (CWC), किशोर न्याय बोर्ड (JJB), साइबर सेल, विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU), मनोचिकित्सा विशेषज्ञ, विधि विद्यार्थी और समाजसेवी शामिल हैं।

शिविरों के दौरान विद्यार्थियों को POCSO अधिनियम, बाल अधिकारों, किशोर न्याय व्यवस्था, साइबर अपराधों से बचाव तथा बच्चों के लिए उपलब्ध सहायता और संरक्षण सेवाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। जागरूकता को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पोस्टर, बुकलेट और सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री भी वितरित की जा रही है।

विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों की सहभागिता से बच्चों को कानूनी जानकारी के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक सहयोग से जुड़ी सुविधाओं के बारे में भी बताया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे सही माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकें।

 

31 अक्टूबर तक जारी रहेगा अभियान

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के अनुसार, यह अभियान 26 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस अवधि में न्यायिक अधिकारी प्रतिदिन जनपद के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता शिविरों में भाग लेंगे। बाल संरक्षण से जुड़े विभागों और विशेषज्ञों के समन्वय से अधिकाधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

अभियान के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने, अनुचित परिस्थितियों की पहचान करने, अपने अधिकारों को समझने और आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी भय या संकोच के सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 

हर बच्चे को अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना लक्ष्य

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और भयमुक्त वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा अपने अधिकारों से परिचित हो, अपने विरुद्ध होने वाले अनुचित व्यवहार को पहचान सके और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता एवं संरक्षण प्राप्त कर सके।

शिविर के आयोजन पर विनबर्ग एलन स्कूल प्रशासन ने जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल और उपस्थित टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

बच्चों को भयमुक्त होकर अपनी बात रखने के लिए किया जा रहा प्रेरित

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि ‘सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान’ का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक पहुंचकर उसे अपने अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि अभियान की विशेषता यह है कि न्यायिक अधिकारी स्वयं विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों से संवाद कर रहे हैं। साथ ही, बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर विद्यार्थियों को समग्र जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

सीमा डुंगराकोटी के अनुसार, प्रयास है कि कोई भी बच्चा अपने अधिकारों से अनजान न रहे और शोषण, उत्पीड़न या किसी असुरक्षित परिस्थिति का सामना करने पर भय अथवा संकोच के कारण चुप न रहे। बच्चों में यह विश्वास विकसित करना आवश्यक है कि उनकी बात सुनी जाएगी और उन्हें उचित सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित बचपन ही एक सशक्त समाज और उज्ज्वल राष्ट्र की नींव है।