Rudraprayag Bridge Tunnel: ₹156 करोड़ की परियोजना पर ट्रायल शुरू, चारधाम यात्रियों को मिलेगी सुविधा

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Rudraprayag Bridge-Tunnel Trial Begins | CM Dhami

 

रुद्रप्रयाग में ₹156 करोड़ की पुल-सुरंग परियोजना पर ट्रायल के आधार पर आवागमन शुरू, जल्द होगा लोकार्पण: मुख्यमंत्री धामी

 

Traffic trials begin on Rudraprayag’s ₹156-crore bridge-tunnel project, connecting Kedarnath and Badrinath highways and easing Char Dham Yatra congestion.

 

केदारनाथ और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेगी परियोजना, चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग बाजार को जाम से मिलेगी राहत

 

मुख्यमंत्री ने पुल-सुरंग परियोजना और संगम लाइब्रेरी का किया निरीक्षण, ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान की सराहना की

 

रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रुद्रप्रयाग जनपद में चारधाम सड़क परियोजना के अंतर्गत निर्मित पुल-सुरंग मार्ग का निरीक्षण किया। लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वपूर्ण परियोजना पर ट्रायल के आधार पर आवागमन शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना का जल्द ही विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। इसके शुरू होने से केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी और रुद्रप्रयाग नगर में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान जिला प्रशासन की पहल पर संचालित ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान के अंतर्गत संगम लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया। उन्होंने पुस्तकालय को समृद्ध बनाने और युवाओं में अध्ययन की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की।

200 मीटर लंबा पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग

चारधाम सड़क परियोजना के अंतर्गत रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी पर लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से 200 मीटर लंबे पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है। संपर्क मार्ग सहित पूरी परियोजना की कुल लंबाई लगभग 1.18 किलोमीटर है।

यह पुल-सुरंग मार्ग केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-107) को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07) से सीधे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके शुरू होने से दोनों धामों की ओर जाने वाले यात्रियों को रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे विशेष रूप से चारधाम यात्रा के दौरान नगर में यातायात का दबाव कम होने और जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक सड़क अवसंरचना और बेहतर संपर्क सुविधाओं के विकास से श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी। साथ ही, स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे ढलान सुरक्षा एवं स्थिरीकरण कार्यों की जानकारी भी ली। इन कार्यों का उद्देश्य भूस्खलन के जोखिम को कम करना, सड़क मार्ग को अधिक सुरक्षित बनाना और यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना है।

उन्होंने यात्रा मार्गों पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत सड़क अवसंरचना के महत्व पर जोर दिया। चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

संगम लाइब्रेरी को मिलीं 2,500 से अधिक पुस्तकें

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की पहल पर संचालित ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान के अंतर्गत संगम लाइब्रेरी का अवलोकन किया। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि विकसित करना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना और पुस्तकालयों को समृद्ध बनाना है।

अभियान के अंतर्गत संगम लाइब्रेरी को अब तक 2,500 से अधिक पुस्तकें प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सामान्य ज्ञान, साहित्य और विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को प्रोत्साहन मिल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अभियान में 150 पुस्तकें उपलब्ध कराकर योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान अर्जित करने, विचारों को व्यापक बनाने और व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। पुस्तक दान जैसे अभियान उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं, जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से पुस्तकालयों को समृद्ध बनाने की पहल युवाओं में पढ़ने, सीखने और ज्ञान अर्जित करने की संस्कृति को मजबूत करेगी।

 

युवाओं के लिए उपयोगी अध्ययन केंद्र बनाने पर जोर

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि अभियान के माध्यम से प्राप्त पुस्तकों को विद्यार्थियों और अन्य पाठकों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से पुस्तकालयों को अध्ययन, ज्ञानवर्धन और शैक्षणिक सहयोग के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, सीमांत क्षेत्र अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, गिरवर सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन कांडपाल, अमित कुमार मैखंडी एवं गंभीर सिंह बिष्ट, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अजय सेमवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।