Dhami Cabinet Decisions: Livestock Subsidy, Labour & Development
जनकल्याण, रोजगार, श्रमिक हित और विकास को नई रफ्तार: धामी कैबिनेट के अहम फैसले
देहरादून, 7 अगस्त 2026। उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुपालकों की आय बढ़ाने, श्रमिकों के अधिकारों को सुरक्षित करने, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, खेल एवं न्यायिक आधारभूत ढांचे का विस्तार करने तथा औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए इन निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी। कैबिनेट के फैसलों में पशुपालन, श्रम, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, ईको टूरिज्म, कर व्यवस्था, न्यायिक अवसंरचना, खेल, पेयजल, वन विकास और औद्योगिक संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
सरकार के इन फैसलों को प्रदेश में रोजगार सृजन, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा, पारदर्शी प्रशासन और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा गौ-भैंस खरीद पर अनुदान
कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे।
पशु की यूनिट कॉस्ट को ₹40 हजार से बढ़ाकर ₹60 हजार किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को अधिकतम 90 प्रतिशत, जबकि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को अधिकतम 60 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
सरकार के अनुसार, योजना के पहले वर्ष में करीब 2,128 पशुपालकों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ पशुपालकों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी।
मजदूरों के हित में उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी
श्रमिक हितों से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में कैबिनेट ने मजदूरी संहिता, 2019 के तहत उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 लागू करने को मंजूरी दी है।
नई नियमावली में न्यूनतम मजदूरी, निर्धारित समय से अधिक कार्य करने पर दोगुना ओवरटाइम भुगतान, प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन भुगतान, डिजिटल माध्यम से वेतन भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष श्रमिकों को समान वेतन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
इस निर्णय का उद्देश्य श्रमिकों के वेतन और रोजगार संबंधी अधिकारों को अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करना तथा श्रम व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।
एससी-एसटी छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली-2026 लागू करने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
नई व्यवस्था के तहत छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए समिति का पुनर्गठन
प्रदेश में ईको टूरिज्म की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया है।
नई व्यवस्था में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को मजबूत किया जाएगा। समिति पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण तथा स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर काम करेगी।
इससे उत्तराखंड की प्राकृतिक एवं जैव विविधता को संरक्षित रखते हुए स्थानीय समुदायों के लिए पर्यटन आधारित रोजगार और आजीविका के अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा।
जीएसटी कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी
केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप राज्य के कर कानून को अद्यतन करने के लिए उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन हेतु अध्यादेश लाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
इसका उद्देश्य राज्य की जीएसटी व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर लागू कानूनी प्रावधानों के अनुरूप बनाए रखना है।
हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए करीब 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी
न्यायिक आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार करीब 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
इससे हल्द्वानी में प्रस्तावित हाईकोर्ट परिसर के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा और न्यायिक ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में 122 नियमित पदों का सृजन
उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार, हल्द्वानी के सुचारू संचालन के लिए कैबिनेट ने 122 नियमित पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त आवश्यक तकनीकी एवं सहायक मानव संसाधन की व्यवस्था आउटसोर्स माध्यम से की जाएगी।
राज्य में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं खेल शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बंगाली अनुसूचित जाति समुदाय के हित में समिति में संशोधन
दिनेशपुर और शक्तिफार्म क्षेत्र में रहने वाले बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए बंगाली अनुसूचित जाति सहायता कोष संचालन समिति में संशोधन का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत समिति में उपाध्यक्ष और सदस्य पदों पर इसी समुदाय से नामांकन किए जाने का प्रावधान किया जाएगा, जिससे संबंधित समुदाय की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को बढ़ाया जा सके।
सहकारी समितियों के नियमों से हटेंगे भेदभावपूर्ण प्रावधान
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन किया जाएगा।
कैबिनेट ने कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधानों को हटाकर न्यायालय द्वारा घोषित मानसिक अक्षमता संबंधी प्रावधानों को शामिल करने की मंजूरी दी है। इस कदम का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं की नियमावली को न्यायिक निर्देशों और समानता के सिद्धांतों के अनुरूप बनाना है।
जल जीवन मिशन की योजनाओं के हस्तांतरण के लिए नया प्रोटोकॉल
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए जल जीवन मिशन के तहत नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
कैबिनेट ने ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग तथा उन्हें ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया है।
इससे योजनाओं के निर्माण के बाद उनके हस्तांतरण और स्थानीय स्तर पर संचालन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
वन विकास निगम में स्केलर भर्ती प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा की संशोधन विनियमावली-2026 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
इसके तहत स्केलर पदों पर भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और चयन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं प्रतियोगी बनाया जा सकेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे का मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार
अवसंरचना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाले महत्वपूर्ण निर्णय में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस विस्तार से हरिद्वार की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ धार्मिक पर्यटन, व्यापार, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दोनों राज्यों के बीच बेहतर सड़क संपर्क क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी
औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच संबंधों को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी दी है।
नियमावली में औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल एवं तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया तथा श्रमिकों के लिए री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
इससे औद्योगिक विवादों के समाधान की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने के साथ श्रमिकों के कौशल विकास तथा रोजगार क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
जनकल्याण और समावेशी विकास को मिलेगी नई गति
धामी कैबिनेट के इन फैसलों का व्यापक असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, खेल, पर्यटन, पेयजल और औद्योगिक विकास पर पड़ने की उम्मीद है।
पशुपालन क्षेत्र में सब्सिडी का विस्तार जहां स्वरोजगार और ग्रामीण आय को बढ़ावा देगा, वहीं नई श्रम नियमावलियां श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करेंगी। एससी-एसटी छात्रावासों की नई व्यवस्था विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगी।
इसी प्रकार हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण, राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में पदों का सृजन, जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए नया प्रोटोकॉल तथा गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार जैसे फैसले प्रदेश के न्यायिक, खेल, पेयजल और परिवहन अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
राज्य सरकार का व्यापक लक्ष्य जनकल्याण, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा, पारदर्शी प्रशासन, निवेश को बढ़ावा और समावेशी विकास के माध्यम से उत्तराखंड को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से और अधिक सशक्त बनाना है।





