Haridwar Ganga Corridor: चार मेगा परियोजनाओं से बदलेगी धर्मनगरी की तस्वीर

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Haridwar Ganga Corridor: Four Major Redevelopment Projects to Modernize the Holy City

हरिद्वार गंगा कॉरिडोर: चार प्रमुख परियोजनाओं से बदलेगी धर्मनगरी की तस्वीर, श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार हरिद्वार को देश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित करेगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, साथ ही आगामी महाकुंभ, कांवड़ यात्रा तथा वर्षभर आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और आपदा सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाना है।

इन परियोजनाओं के माध्यम से गंगा घाटों का पुनर्विकास, सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक अवसंरचना का निर्माण, पैदल मार्गों का विकास, सौंदर्यीकरण तथा स्मार्ट निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे हरिद्वार की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी।


1. हर की पैड़ी–सुभाष घाट पुनर्विकास परियोजना

हर की पैड़ी क्षेत्र को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से सुभाष घाट एवं आसपास के क्षेत्र का व्यापक पुनर्विकास किया जाएगा।

बढ़ती श्रद्धालु संख्या को ध्यान में रखते हुए धनुष घाट क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, जिससे पवित्र स्नान, धार्मिक अनुष्ठानों एवं पर्वों के दौरान अधिक लोगों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।

परियोजना के अंतर्गत धनुष पुल, आस्था पथ तथा बोर्डवॉक पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही घाटों को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ने, पैदल आवागमन को सुरक्षित बनाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निकासी (Emergency Evacuation) की समुचित व्यवस्था विकसित की जाएगी।

गंगा तट के पैदल मार्गों का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा। आधुनिक लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था, संकेतक (Signage), सुरक्षा रेलिंग तथा दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं का भी विकास प्रस्तावित है, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित एवं सहज अनुभव प्राप्त हो सके।


2. हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास परियोजना

हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए व्यापक परियोजना लागू की जाएगी।

आगामी महाकुंभ, कांवड़ यात्रा तथा अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों में आने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पार्किंग क्षमता में वृद्धि, सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार तथा भीड़ प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों का उन्नयन, यात्री सुविधाओं का विकास, बेहतर मार्ग व्यवस्था, स्वच्छता अवसंरचना, पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थलों एवं अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र की आधारभूत संरचना को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि बड़े आयोजनों के दौरान यातायात एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।


3. रोड़ी बेलवाला क्षेत्र पुनर्विकास परियोजना

हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र रोड़ी बेलवाला का समग्र पुनर्विकास कर इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त, सुरक्षित एवं स्वच्छ क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत क्षेत्र की जल निकासी प्रणाली को मजबूत किया जाएगा ताकि वर्षा एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों में जलभराव की समस्या कम हो सके। आधुनिक एलईडी प्रकाश व्यवस्था, उच्च गुणवत्ता वाले सिविल कार्य, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, पैदल मार्गों का विकास तथा सार्वजनिक उपयोग की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, हरित क्षेत्र विकास एवं सुगम आवागमन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।


4. प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना

हरिद्वार के महत्वपूर्ण प्रशासनिक मार्ग को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के लिए इसका चौड़ीकरण, पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

परियोजना का उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाना है। मार्ग के उन्नयन से श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों की आवाजाही में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा विभिन्न सरकारी एवं प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच भी अधिक सुगम बनेगी।

महाकुंभ, कांवड़ यात्रा एवं अन्य बड़े आयोजनों के दौरान इस मार्ग का उपयोग प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध आवाजाही तथा भीड़ नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


हरिद्वार को मिलेगा आधुनिक धार्मिक नगरी का स्वरूप

हरिद्वार गंगा कॉरिडोर की इन चारों परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद शहर में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा पर्यटन अवसंरचना में व्यापक सुधार होगा। आधुनिक तकनीक, बेहतर शहरी नियोजन एवं धार्मिक आस्था के संरक्षण के संतुलन के साथ विकसित की जा रही ये परियोजनाएं हरिद्वार को एक विश्वस्तरीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।