कांवड़ यात्रा 2026: मुख्यमंत्री धामी ने दिए सुरक्षा, ट्रैफिक और स्वच्छता व्यवस्था के सख्त निर्देश

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Kanwar Yatra 2026: CM Dhami Reviews Preparations, Orders Enhanced Security, AI Surveillance & Devotee Facilities

कांवड़ यात्रा 2026: सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था पर सरकार का फोकस, मुख्यमंत्री धामी ने दिए व्यापक निर्देश

मुख्यमंत्री ने कांवड़ मेला तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की, कहा- श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्य बिंदु

  • 30 जुलाई से प्रारंभ होगी कांवड़ यात्रा-2026।
  • सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था को बनाया गया सर्वोच्च लक्ष्य।
  • एआई, ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी।
  • महिला श्रद्धालुओं के लिए पिंक टॉयलेट और हेल्प डेस्क की व्यवस्था।
  • मेडिकल कैंप, वाटर एंबुलेंस और आपदा राहत दल रहेंगे पूरी तरह तैयार।
  • ट्रैफिक, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विशेष फोकस।
  • महाकुंभ-2027 की तैयारियों के साथ बेहतर समन्वय के निर्देश।

हरिद्वार | 

आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाली कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रत्येक विभाग पूरी संवेदनशीलता, समन्वय और सेवा-भाव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सभी व्यवस्थाएं संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयार की जाएं ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

‘सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वच्छ कांवड़’ बने यात्रा का मूल मंत्र

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि उत्तराखण्ड की आस्था, प्रशासनिक दक्षता, सेवा-भाव और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे आयोजन का संचालन ‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ की अवधारणा पर आधारित हो।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देवभूमि आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, संतुष्ट और सकारात्मक अनुभव लेकर अपने घर लौटे। उन्होंने इसे सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ बताया।

चारधाम यात्रा की सफलता के बाद कांवड़ यात्रा की बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अनेक वैश्विक चुनौतियों के बावजूद विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उत्तराखण्ड में भी पर्यटन और तीर्थाटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक 45 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं, जबकि 55 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश यात्रा का लाभ ले चुके हैं। अनुमान है कि इस वर्ष प्रदेश में तीर्थयात्रियों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में लगभग तीन गुना तक बढ़ सकती है। इसी प्रकार कांवड़ यात्रा में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

जनभागीदारी से सफल होगा कांवड़ मेला

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संत समाज, धर्माचार्यों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी से कांवड़ मेले का संचालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि संतों एवं धर्माचार्यों के संदेशों पर आधारित प्रेरक वीडियो तैयार कर कांवड़ यात्रियों तक पहुंचाए जाएं, जिससे यात्रा अनुशासित, शांतिपूर्ण और मर्यादित वातावरण में संपन्न हो सके।

महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं

मुख्यमंत्री ने महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को विशेष प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग एवं प्रमुख पड़ावों पर पर्याप्त संख्या में स्वच्छ पिंक टॉयलेट्स स्थापित किए जाएं। साथ ही महिला हेल्प डेस्क और महिला पुलिस बल को सक्रिय रखा जाए ताकि महिला श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

एआई, ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से की जाए।

उन्होंने कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने अथवा भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर भी लगातार निगरानी रखने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण चुनौती होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए आवश्यकता अनुसार अलग-अलग ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए ताकि आम लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में वीआईपी मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

स्वास्थ्य सेवाएं रहें चौबीसों घंटे तैयार

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रमुख पड़ावों एवं मेला क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ तथा आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने हर की पैड़ी सहित प्रमुख घाटों पर वाटर एंबुलेंस की तैनाती के निर्देश दिए। साथ ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस और अग्निशमन सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने भारी वर्षा, जलभराव और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूर्व तैयारी और त्वरित रिस्पांस सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्ग पर पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था तथा साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पूरे मार्ग पर नियमित सफाई अभियान संचालित किया जाए तथा नो-प्लास्टिक अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यात्रा समाप्त होने के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र की व्यापक सफाई कर उसे पूर्व स्थिति में लाया जाए।

खाद्य गुणवत्ता और होटल-ढाबों की होगी नियमित जांच

मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर संचालित होटल, ढाबों एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाए। सभी प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि खाद्य गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन रहें पूरी तरह सक्रिय

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा 24 घंटे कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सक्रिय रखी जाए। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

हर की पैड़ी और प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने हर की पैड़ी, कांगड़ा पुल और अन्य प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल पुलिस की पर्याप्त तैनाती, भीड़ नियंत्रण व्यवस्था और आपातकालीन निकासी योजना को पूरी तरह तैयार रखने पर जोर दिया।

साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखने तथा अत्यधिक ऊंची कांवड़ और निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि वाले डीजे वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महाकुंभ-2027 की तैयारियों पर नहीं पड़ेगा असर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिए। दोनों व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाते हुए विकास कार्य और आयोजन संबंधी तैयारियां निर्धारित समय पर आगे बढ़ाई जाएं ताकि उत्तराखण्ड एक बार फिर उत्कृष्ट आयोजन क्षमता का उदाहरण प्रस्तुत कर सके

बैठक में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, धर्माचार्यों, व्यापारिक संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन को लेकर अपने सुझाव दिए।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी राजीव स्वरूप, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून, पौड़ी और टिहरी के जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी अपने-अपने जिलों में की गई तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।