कुंभ मेला-2027 में आपदा प्रबंधन की तैयारी तेज, मुख्य सचिव ने दिए सेक्टरवार निकासी और मॉक ड्रिल के निर्देश

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Kumbh Mela 2027: Sector-Wise Evacuation Plan Ordered

कुंभ मेला-2027 की आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने दिए व्यापक निर्देश

सेक्टरवार इवेक्यूएशन प्लान के साथ क्राउड मैनेजमेंट, ट्रैफिक, फायर कंट्रोल और आपातकालीन रिस्पांस की समेकित योजना बनाने के निर्देश

देहरादून, 20 अगस्त 2026। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में कुंभ मेला-2027 के दौरान आपदा प्रबंधन, सुरक्षा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ मेले की विशाल भीड़ और संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, प्रभावी और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभ मेला-2027 के लिए समग्र आपदा प्रबंधन योजना के साथ-साथ क्षेत्र-विशिष्ट एवं सेक्टरवार आपातकालीन कार्ययोजना तैयार की जाए। पूरे कुंभ क्षेत्र के लिए सेक्टरवार निकासी (इवेक्यूएशन) प्लान तैयार करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था, इवेक्यूएशन रूट, फायर कंट्रोल और आपातकालीन रिस्पांस मैकेनिज्म को एकीकृत किया जाए।

उन्होंने कहा कि योजना में भूकंप, बाढ़ तथा केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर (CBRN) आपात स्थितियों जैसी संभावित चुनौतियों के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक एसओपी तैयार की जाए। प्रत्येक संभावित परिस्थिति में संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां, कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था, वैकल्पिक मार्ग और त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया पहले से निर्धारित होनी चाहिए।

उपकरणों की उपलब्धता के साथ प्रशिक्षण पर जोर

मुख्य सचिव ने बाढ़, भूकंप एवं CBRN आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल उपकरणों की खरीद कर लेना पर्याप्त नहीं है। उपकरणों का ऑपरेशनल रहना, नियमित रखरखाव, समय-समय पर परीक्षण तथा संबंधित कार्मिकों का प्रशिक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने विभागों को उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकताओं के बीच गैप का आकलन करने तथा एसडीआरएफ के माध्यम से कुंभ मेला-2027 के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।

पीक टाइम में नियमित मॉक ड्रिल

मुख्य सचिव ने एटीएस को और अधिक मजबूत किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि कुंभ मेले के प्रमुख पर्वों और पीक टाइम को ध्यान में रखकर नियमित मॉक ड्रिल आयोजित की जाएं। मॉक ड्रिल के दौरान वास्तविक आपातकाल जैसी परिस्थितियों का सिमुलेशन करते हुए वैकल्पिक मार्ग, निकासी व्यवस्था, विभागीय समन्वय और रिस्पांस मैकेनिज्म का परीक्षण किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक अभ्यास का उद्देश्य कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करना और किसी वास्तविक आपात स्थिति में रिस्पांस टाइम को न्यूनतम करना होना चाहिए।

एआई और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर

मुख्य सचिव ने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान विभिन्न विभागों से प्राप्त सूचनाओं, घटनाओं, अनुभवों और व्यवस्थाओं से संबंधित डेटा का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाए।

उन्होंने कहा कि यह डेटाबेस भविष्य में बड़े धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों की बेहतर योजना और आपदा प्रबंधन व्यवस्था तैयार करने में उपयोगी साबित होगा। आवश्यक तकनीकी एवं विशेषज्ञ सहयोग के लिए आईटीडीए, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित संस्थाओं की सहायता लेने के साथ जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के भी निर्देश दिए।

संचार व्यवस्था और अफवाह नियंत्रण को बनाया जाए मजबूत

मुख्य सचिव ने कुंभ मेले के दौरान कम्युनिकेशन मैनेजमेंट को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए मोबाइल नेटवर्क और संचार सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए अभी से आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाए।

उन्होंने पीक टाइम और अतिरिक्त भीड़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त मोबाइल टावर एवं अन्य संचार सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अफवाहों की रोकथाम के लिए प्रभावी सूचना एवं संचार तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि आपात परिस्थितियों में लोगों तक सही और विश्वसनीय सूचना तत्काल पहुंचाई जा सके।

कंट्रोल रूम और विभागीय समन्वय को मजबूत करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कुंभ मेला कंट्रोल रूम को और अधिक सक्षम एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित कर सभी तैयारियों की प्रगति की समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 एक विशाल स्तर का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सभी विभागों को आपसी समन्वय, स्पष्ट जिम्मेदारियों और मजबूत कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था के साथ काम करना होगा, ताकि किसी भी संभावित आपदा या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, विनय शंकर पाण्डेय, आयुक्त गढ़वाल आनन्द स्वरूप एवं मेलाधिकारी सोनिका सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं जिलाधिकारी उपस्थित रहे।