मसूरी के होटल व्यवसायियों ने लिया नशामुक्त और सुरक्षित पर्यटन का संकल्प | नशा मुक्त भारत अभियान
अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पर्यटन उद्योग की सक्रिय भागीदारी
होटल, रिसॉर्ट और गेस्ट हाउस संचालकों को एनडीपीएस कानून, नशा रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान संबंधी दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
देहरादून, 27 जून 2026।
अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर मसूरी टाउन हॉल में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाज कल्याण विभाग, राजकीय नशा मुक्ति केंद्र (रायवाला) एवं एसपीवाईएम (SPYM) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यटन एवं आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, नशे की रोकथाम में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना तथा उत्तराखंड को सुरक्षित एवं नशामुक्त पर्यटन राज्य बनाने के प्रयासों को गति देना था।
कार्यक्रम में मसूरी नगर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, नगर पार्षदों, स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष रजत अग्रवाल सहित शहर के प्रतिष्ठित होटल, रिसॉर्ट एवं गेस्ट हाउस संचालकों, होटल प्रबंधकों तथा कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैडिसन, एलबी होटल सहित अनेक प्रतिष्ठित आतिथ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को व्यापक समर्थन प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. राजेश कुमार ने होटल व्यवसायियों एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों को मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे, उनके सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों तथा पर्यटन उद्योग पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर नशे की रोकथाम केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि होटल संचालकों, व्यापारियों और स्थानीय समाज की भी समान जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रतिभागियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों, कानूनी दायित्वों तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में होने वाली कठोर कार्रवाई से भी अवगत कराया। साथ ही होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र में आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों अथवा गतिविधियों की पहचान करने, समय रहते पुलिस एवं संबंधित एजेंसियों को सूचना देने तथा संस्थानों में प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के कारण विश्वभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। ऐसे में पर्यटन स्थलों को नशामुक्त, सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान करना राज्य की छवि को और सुदृढ़ करेगा तथा जिम्मेदार पर्यटन (Responsible Tourism) को बढ़ावा देगा।
अंत में उपस्थित सभी होटल व्यवसायियों, प्रबंधकों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने संस्थानों में नशामुक्त वातावरण बनाए रखने, कर्मचारियों एवं पर्यटकों के बीच जागरूकता फैलाने, मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध सक्रिय सहयोग देने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि सरकार, प्रशासन, पर्यटन उद्योग और समाज की साझा भागीदारी से ही उत्तराखंड को नशामुक्त, सुरक्षित और जिम्मेदार पर्यटन की दिशा में एक आदर्श राज्य बनाया जा सकता है।





