पेंशनरों को बड़ी राहत: घर बैठे होगा जीवन प्रमाण पत्र सत्यापन | उत्तराखंड डिजिटल पेंशन सेवा
डिजिटल व्यवस्था से बुजुर्ग पेंशनरों को मिल रही बड़ी सुविधा
देहरादून, 28 मई 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर उत्तराखंड सरकार ने पेंशनरों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब प्रदेश के पेंशनरों को जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) के सत्यापन के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डिजिटल तकनीक की मदद से पेंशनर घर बैठे ही ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र का सत्यापन कर पा रहे हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है।
प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 1.5 लाख पेंशनर हैं, जिनमें से केवल देहरादून जनपद में ही 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इन सभी को सुगम एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पेंशनर आसानी से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में भी लगातार डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के माध्यम से सत्यापन किया जा रहा है। यहां पेंशनरों को आधार अपडेट कराने के साथ-साथ डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी एवं प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2024 से अब तक इस केंद्र में 1 लाख 84 हजार से अधिक पेंशनरों का सफल डिजिटल सत्यापन किया जा चुका है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद कोषागार का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिल सके।
अब पेंशनर “जीवन प्रमाण” ऐप के माध्यम से स्वयं ऑपरेटर आईडी बनाकर घर बैठे ही अपना सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड का अपडेट होना तथा आधार नंबर का मोबाइल नंबर एवं कोषागार से लिंक होना आवश्यक है।
इसके अलावा आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति (एक्टिव/इनएक्टिव) ऑनलाइन देख सकते हैं और पेंशन स्टेटमेंट भी आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
पेंशनरों की सहायता के लिए निदेशालय कोषागार द्वारा 8899890000 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। वहीं अधिक जानकारी के लिए treas-fdc-uk@nic.in पर संपर्क किया जा सकता है।
इस डिजिटल पहल से बुजुर्ग पेंशनरों को लंबी कतारों और अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिली है। अब वे सुरक्षित, सरल और सुविधाजनक तरीके से घर बैठे ही जीवन प्रमाण पत्र का सत्यापन कर पा रहे हैं।
दून निवासी पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में उन्हें डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अब वे भविष्य में स्वयं घर बैठे आसानी से अपना लाइफ सर्टिफिकेट नवीनीकरण कर सकेंगे। उन्होंने इस पहल को वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी और समय बचाने वाली व्यवस्था बताया।
मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने कहा कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार में पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल स्थापित किया गया है, जहां उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अन्य जनपदों के वे पेंशनर, जो वर्तमान में देहरादून में रह रहे हैं, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने पेंशनरों से अपील करते हुए कहा कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आधार से प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें तथा केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय ऑपरेटर को ही अपनी जानकारी उपलब्ध कराएं।





