Kumbh Mela 2027: शारदा रिवरफ्रंट की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव नाराज

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Sharda Riverfront Project: Chief Secretary Orders Faster Progress

Chief Secretary Anand Bardhan reviews UIIDB projects, flags slow Sharda Riverfront progress and directs dedicated project management and PERT-based monitoring.

शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव नाराज, डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर तैनात करने के निर्देश

 

 

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के साथ-साथ उनकी नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर परियोजना की धीमी प्रगति का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मुख्य सचिव ने लगभग 10 माह की अवधि में कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी द्वारा करीब 10 प्रतिशत प्रगति किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने परियोजना की निगरानी और कार्यों में तेजी लाने के लिए डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती कार्यस्थल पर ही की जाए, ताकि निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी हो सके और मौके पर आने वाली तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।

PERT चार्ट के आधार पर होगी परियोजनाओं की मॉनिटरिंग

मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी की सभी परियोजनाओं के लिए निर्धारित टाइमलाइन के साथ PERT चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समीक्षा बैठक में परियोजनावार प्रगति को PERT चार्ट के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में निर्धारित समय के अनुसार प्रगति नहीं हो रही है, वहां देरी के कारणों की स्पष्ट पहचान की जाए और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव नियोजन को भी यूआईआईडीबी की परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

 

रिवर राफ्टिंग परियोजनाओं के लिए समर्पित टीम

बैठक में रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण के लिए यूपीडीसीसी को अगले पांच वर्षों के लिए समर्पित टीम विकसित कर उसे कार्यस्थल पर तैनात करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए अलग-अलग यूनिट विकसित की जाएं, ताकि परियोजनाओं के संचालन, अनुरक्षण और तकनीकी जरूरतों को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।

कुंभ मेला 2027 से पहले प्राथमिकता वाले कार्य पूरे करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार क्षेत्र में चल रहे प्राथमिकता वाले कार्यों को निर्धारित समयसीमा में हर हाल में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सती कुंड से संबंधित कार्यों को 15 दिसंबर तक पूरा करने के लिए श्रमिकों और कार्य शिफ्ट की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की गति बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

हरिद्वार में तैनात रहेगा कार्यदायी संस्था का महाप्रबंधक

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हरिद्वार में संचालित परियोजनाओं के लिए कार्यदायी संस्था का महाप्रबंधक हरिद्वार में ही तैनात रहकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करेगा। महाप्रबंधक को परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी और मंडलायुक्त को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इस संबंध में आवश्यक आदेश तत्काल जारी करने को भी कहा गया।

नए पार्किंग प्रोजेक्ट से पहले डीएम और मेलाधिकारी की एनओसी जरूरी

हरिद्वार में सरफेस, अंडरग्राउंड और मैकेनिकल पार्किंग से जुड़े नए प्रस्तावों पर भी मुख्य सचिव ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार क्षेत्र में कोई नया पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले जिलाधिकारी और मेलाधिकारी से लिखित एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने अन्य विभागों की ओर से तैयार की जा रही योजनाओं के साथ पार्किंग परियोजनाओं का समुचित इंटीग्रेशन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, प्रत्येक स्थान की आवश्यकता और व्यवहारिकता के आधार पर सरफेस, अंडरग्राउंड या मैकेनिकल पार्किंग में से उपयुक्त विकल्प का चयन करने के निर्देश दिए।

वित्तीय निगरानी के लिए फाइनेंसियल एवं ऑडिट कमेटी

यूआईआईडीबी की परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय मामलों की प्रभावी निगरानी के लिए मुख्य सचिव ने फाइनेंसियल एवं ऑडिट कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव नितेश कुमार झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रविशंकर, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते सहित संबंधित विभागों और यूआईआईडीबी के अधिकारी उपस्थित रहे।