Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, 7 जिलों में येलो और 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

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Uttarakhand Rain Alert: Orange & Yellow Alerts Issued | IMD

उत्तराखंड में अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट

आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के दिए निर्देश, सचिव विनोद कुमार सुमन ने आमजन और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की

देहरादून, 08 अगस्त 2026। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच अगले दो दिनों के दौरान कई जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 09 और 10 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और कुछ स्थानों पर अत्यंत तीव्र वर्षा की स्थिति बन सकती है।

मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विभाग ने विभिन्न जनपदों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने सभी संबंधित जिलों और विभागों को सतर्क रहने तथा संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

09 अगस्त को तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 09 अगस्त को बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा राज्य के अन्य पर्वतीय जनपदों में भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

वहीं देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चम्पावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

10 अगस्त को चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट

10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ अत्यंत तीव्र वर्षा की भी आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने राज्य के अन्य जनपदों में भी कहीं-कहीं तेज वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है।

वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंहनगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

सभी जिलों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

मौसम की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी संबंधित जिलों और विभागों को आवश्यक सावधानियां बरतने तथा 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन, उपकरण और मशीनरी पहले से उपलब्ध और क्रियाशील स्थिति में रखी जाए। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

उन्होंने सड़क मार्गों के बाधित होने की स्थिति में संबंधित विभागों को तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बारिश और भूस्खलन के कारण लोगों को लंबे समय तक आवागमन में परेशानी न हो।

अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन स्विच ऑफ न करने के निर्देश

आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम की इस अवधि के दौरान मैदानी स्तर पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे मोबाइल फोन स्विच ऑफ न करें, आवश्यक सुरक्षा उपकरण अपने साथ रखें और किसी भी आपदा या आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तथा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) को उपलब्ध कराएं।

सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर समन्वय बनाए रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नदी-नालों और बरसाती गदेरों से दूर रहने की अपील

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों के साथ-साथ उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों से मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, गदेरों और बरसाती नालों के आसपास जाने से बचें। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने या कमजोर पुलों को पार करने का प्रयास न करें। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की आशंका वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें।

उन्होंने लोगों से अपील की कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें और संभव हो तो अपनी यात्रा स्थगित कर दें। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी advisories का पालन करने की अपील की गई है।

प्रशासन और विभागों को सतर्क रहने की हिदायत

आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को मौसम विभाग से प्राप्त चेतावनियों के आधार पर स्थानीय स्तर पर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, सड़क मार्गों पर त्वरित कार्रवाई तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विभागों को तैयार रहने को कहा गया है।

सरकार और प्रशासन का उद्देश्य भारी बारिश के दौरान संभावित भूस्खलन, जलभराव, सड़क अवरोध, आकाशीय बिजली और अन्य वर्षाजनित घटनाओं के प्रभाव को कम करना तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना है।