मतदाता सूची पुनरीक्षण: राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील, 5.47 लाख मतदाताओं को नोटिस

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Dehradun Electoral Roll Revision 2026: ACEO Directs Strict Voter Verification & Field Visits

मतदाता सूची की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता, फील्ड विजिट कर समस्याओं का करें समाधान : विजय कुमार जोगदंडे

निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप हो सत्यापन, अधूरी मैपिंग वाले मामलों पर विशेष फोकस

सहसपुर, डोईवाला, विकासनगर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में अभियान तेज करने के निर्देश

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा, राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील

देहरादून, 03 अगस्त 2026। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान की समीक्षा के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार, देहरादून में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड विजय कुमार जोगदंडे तथा जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संयुक्त रूप से की। बैठक में निर्वाचन अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

अधूरी मैपिंग और फील्ड निरीक्षण पर विशेष जोर

बैठक में विधानसभावार अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने अब तक हुए कार्य पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन सहसपुर, डोईवाला, विकासनगर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में अभियान को और अधिक गति देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी तक पूरी नहीं हुई है, उनके मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने सभी निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी किसी प्रकार की समस्या या बाधा सामने आए, वहां केवल कार्यालय स्तर पर समीक्षा करने के बजाय स्वयं फील्ड विजिट कर बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मौके पर समाधान सुनिश्चित करें।

निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार ही हो सत्यापन

विजय कुमार जोगदंडे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सत्यापन एवं मैपिंग केवल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों के आधार पर ही की जाए। इसके साथ ही वर्ष 2003 की एसआईआर प्रति, परिवार रजिस्टर तथा अन्य उपलब्ध अभिलेखों का मिलान कर प्रत्येक प्रविष्टि का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए, ताकि निर्वाचक नामावली पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बन सके।

उन्होंने अभियान के दौरान गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने तथा निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विधानसभावार प्रगति और नोटिस वितरण की समीक्षा

बैठक में विधानसभावार नोटिस वितरण, 100 से अधिक नोटिस प्राप्त मतदान स्थलों की स्थिति तथा बीएलओ स्तर पर किए जा रहे कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान के प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी की जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

माइक्रो प्लानिंग के साथ पूरा होगा अभियान

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी टीमें आपसी समन्वय एवं माइक्रो लेवल प्लानिंग के आधार पर निर्धारित समयसीमा के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरा करें। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का सत्यापन लंबित नहीं रहना चाहिए और जनपद में अभियान पूरी गंभीरता तथा प्रतिबद्धता के साथ सफल बनाया जाएगा।

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

इसके उपरांत आयोजित बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल बूथ स्तर तक आयोग की जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सके।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि जनपद की सभी 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को नोटिस वितरित कर रहे हैं। विशेष रूप से ऐसे मतदाताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं जिनके अभिलेखों में विसंगतियां हैं, जिनकी मैपिंग शेष है अथवा जिनके प्रपत्र-6, 7 एवं 8 प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) एवं कार्यकर्ताओं के माध्यम से मतदाताओं को निर्धारित तिथियों पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुनवाई में उपस्थित होने के लिए प्रेरित करें।

जनपद में पुनरीक्षण अभियान की स्थिति

बैठक में बताया गया कि जनपद की 10 विधानसभा सीटों में लगभग 20.45 लाख आबादी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दायरे में है। वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में 11,90,805 मतदाता पंजीकृत हैं।

इनमें—

  • 3,95,772 मतदाताओं के अभिलेखों में विसंगतियां चिन्हित की गई हैं।
  • 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग अभी शेष है।
  • कुल 5,47,942 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं।
  • इनमें से 3,91,810 मतदाताओं तक नोटिस सफलतापूर्वक वितरित किए जा चुके हैं।

03 अगस्त से शुरू हुई सुनवाई

अधिकारियों ने बताया कि 03 अगस्त से सभी विधानसभा क्षेत्रों के संबंधित मतदान स्थलों पर दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई प्रारंभ कर दी गई है, जो विधानसभावार निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी। इस दौरान मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने दावे और आपत्तियों का निस्तारण करा सकेंगे।

आधार के अलावा अन्य दस्तावेज भी मान्य

बैठक में स्पष्ट किया गया कि सुनवाई के दौरान मतदाता केवल आधार कार्ड ही नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज जैसे सरकारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि अथवा आवास संबंधी अभिलेख आदि भी प्रस्तुत कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने सभी ईआरओ के संपर्क नंबर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा कराए तथा एसआईआर से संबंधित किसी भी समस्या या शंका के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। साथ ही सभी ईआरओ को अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, समस्त निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी चकराता एवं ऋषिकेश ऑनलाइन माध्यम से जुड़े, जबकि भाजपा, कांग्रेस, सीपीआई(एम), आम आदमी पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में सहभागिता की।