LPG E-KYC Deadline: Complete Verification by August 15
15 अगस्त तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो प्रभावित हो सकती है घरेलू गैस की आपूर्ति
ई-केवाईसी पूरी नहीं होने पर कनेक्शन निष्क्रिय श्रेणी में रखने की तैयारी, उपभोक्ताओं से अंतिम तिथि से पहले सत्यापन कराने की अपील
देहरादून। जिले में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) कराना आवश्यक किया गया है। गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं को 15 अगस्त 2026 तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है। निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को भविष्य में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति से संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गैस कंपनियों के अनुसार, ई-केवाईसी पूरी नहीं होने की स्थिति में संबंधित गैस कनेक्शन को निष्क्रिय श्रेणी में रखा जा सकता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को घरेलू गैस कनेक्शन के तहत मिलने वाले निर्धारित लाभ प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, नियमानुसार कुछ मामलों में सिलेंडर की आपूर्ति घरेलू के बजाय व्यावसायिक श्रेणी की दरों के आधार पर किए जाने की स्थिति भी बन सकती है।
फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान में मिलेगी मदद
घरेलू गैस कनेक्शनों का आधार आधारित सत्यापन कराने का मुख्य उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट और निष्क्रिय कनेक्शनों की पहचान करना तथा एलपीजी की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना है। ई-केवाईसी के माध्यम से वास्तविक उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड अपडेट करने में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन प्रक्रिया से यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि घरेलू गैस की सुविधा और इससे जुड़े सरकारी लाभ वास्तविक एवं पात्र उपभोक्ताओं तक ही पहुंचें। इसके साथ ही एक ही उपभोक्ता के नाम पर मौजूद विभिन्न प्रकार के गैस कनेक्शनों के रिकॉर्ड को भी अधिक व्यवस्थित तरीके से चिन्हित किया जा सकेगा।
गैस एजेंसियों पर कराया जा सकता है बायोमेट्रिक सत्यापन
जिला पूर्ति अधिकारी, गैस एजेंसी संचालक और संबंधित गैस कंपनियों के अधिकारी लगातार उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी कराने के लिए जागरूक कर रहे हैं। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपना सत्यापन पूरा करा लें।
उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके अलावा संबंधित गैस कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराए गए मोबाइल ऐप और अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी ई-केवाईसी की सुविधा दी जा सकती है।
कई क्षेत्रों में घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाने वाले डिलीवरी कर्मियों के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल संबंधित गैस कंपनी या अधिकृत माध्यम से ही अपना सत्यापन कराएं।
अंतिम समय में बढ़ सकती है भीड़
अधिकारियों ने कहा कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं द्वारा अंतिम दिनों में ई-केवाईसी कराने से गैस एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव और भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को असुविधा से बचने के लिए 15 अगस्त से पहले ही ई-केवाईसी पूरी करने की सलाह दी गई है।
जिला पूर्ति विभाग और गैस कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद उपभोक्ताओं को भविष्य में गैस आपूर्ति से संबंधित संभावित परेशानियों से बचने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपनी संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर ई-केवाईसी की स्थिति की जानकारी लें और यदि सत्यापन लंबित है तो 15 अगस्त 2026 की अंतिम तिथि से पहले इसे अनिवार्य रूप से पूरा करा लें।





