THDC Tunnel Rescue: एक और श्रमिक का रेस्क्यू, टनल में लापता दो श्रमिकों की तलाश तेज

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Chamoli THDC Tunnel Rescue: One Worker Rescued, Two Missing

चमोली THDC टनल हादसा: एक और श्रमिक बाहर निकाला गया, दो की तलाश युद्धस्तर पर जारी

चमोली, 15 अगस्त 2026: मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद लापता श्रमिकों की तलाश और बचाव अभियान लगातार जारी है। शनिवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान एक और श्रमिक को टनल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसे तत्काल जिला चिकित्सालय, गोपेश्वर भेजा गया।

हादसे के बाद से ही जिला प्रशासन के नेतृत्व में विभिन्न बचाव दल टनल के भीतर फंसे एवं लापता श्रमिकों की तलाश में जुटे हैं। एक और श्रमिक के रेस्क्यू के बाद अब दो अन्य श्रमिकों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है।

टनल में सघन सर्च अभियान

रेस्क्यू टीमें टनल के भीतर लगातार सघन सर्च अभियान चला रही हैं। संभावित स्थानों पर पहुंचने के लिए बचाव दल पूरी तत्परता के साथ काम कर रहे हैं। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच लापता श्रमिकों तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

टनल के भीतर जमा पानी की निकासी का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए सक्शन पंपों सहित अन्य आवश्यक उपकरणों की मदद ली जा रही है। पानी की निकासी से टनल के भीतर रेस्क्यू टीमों की आवाजाही आसान होगी और उन स्थानों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जहां लापता श्रमिकों के होने की संभावना है।

SDRF, NDRF सहित कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं

रेस्क्यू अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा संबंधित विभागों की टीमें आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और रेस्क्यू कार्य को गति देने के लिए आवश्यक मशीनरी, उपकरण एवं अन्य संसाधन मौके पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

प्रशासन द्वारा लापता दोनों श्रमिकों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सभी संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

सुरक्षित रेस्क्यू के लिए हर संभव प्रयास

टनल के भीतर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव टीमें लगातार अभियान में जुटी हुई हैं। पानी की निकासी के साथ-साथ टनल के प्रभावित हिस्सों में सुरक्षित पहुंच बनाने और संभावित स्थानों की जांच का कार्य जारी है।

प्रशासन ने कहा है कि लापता दोनों श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव संसाधन और तकनीकी सहायता का इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।