National Voluntary Blood Donation Day: CM धामी बोले- स्वैच्छिक रक्तदान से बचाई जा सकती है जिंदगी

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National Voluntary Blood Donation Day: CM Dhami Appeals for Blood Donation

 

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वैच्छिक रक्तदान का आह्वान

 

CM Pushkar Singh Dhami urged people to come forward for voluntary blood donation on National Voluntary Blood Donation Day and help save lives.

 

देहरादून, 30 सितंबर 2026। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक मानवीय सेवा है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर उनके जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

 

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य आमजन को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करना, रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रति समाज को प्रेरित करना है।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्त की आवश्यकता दुर्घटना में घायल लोगों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं, सर्जरी कराने वाले रोगियों और विभिन्न चिकित्सा परिस्थितियों से जूझ रहे लोगों को पड़ सकती है। ऐसे समय में रक्त की उपलब्धता जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए स्वस्थ और पात्र लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

 

उन्होंने रक्तदान को ‘महादान’ बताते हुए कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति को जीवन का नया अवसर मिल सकता है। यह केवल रक्त देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता का परिचायक भी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप स्वस्थ व्यक्ति द्वारा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार निर्धारित अंतराल पर रक्तदान किया जा सकता है। रक्तदान से पहले दाता की पात्रता और स्वास्थ्य की जांच की जाती है तथा रक्तदान के बाद शरीर दान किए गए रक्त की भरपाई प्राकृतिक रूप से करता है।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वैच्छिक रक्तदान को सामाजिक सहभागिता और मानव सेवा का हिस्सा बनाएं तथा स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता को मजबूत किया जा सकता है।