जनगणना-2027: देहरादून में प्रशिक्षण संपन्न, डीएम ने दिए निर्देश

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Census 2027: Dehradun Training Completed, DM Issues Guidelines

जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

 

Dehradun completes two-day training for Census 2027 second phase. DM Dr Ashish Chauhan directs officials to ensure timely, systematic and error-free population enumeration.

 

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को समयबद्ध, व्यवस्थित और त्रुटिरहित जनगणना सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

 

देहरादून। जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर देहरादून में चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों और संबंधित कार्मिकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का आयोजन देहरादून नगर निगम सभागार में किया गया, जिसमें जनगणना के आगामी चरण की प्रक्रियाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और अधिकारियों की जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

जनगणना-2027 के दूसरे चरण के तहत 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य प्रस्तावित है। इसके सफल एवं सुचारु संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों को समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनगणना राष्ट्रीय विकास और संसाधन नियोजन का महत्वपूर्ण आधार : डीएम

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने चार्ज अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश के विकास की योजनाओं के निर्माण, जनसंख्या से संबंधित आंकड़ों के संकलन और संसाधनों के प्रभावी नियोजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कार्य है। उन्होंने अधिकारियों से जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, सावधानी और जिम्मेदारी के साथ योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।

डीएम ने निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़े सभी कार्यों की नियमित निगरानी और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारियों को स्पष्ट रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि निर्धारित अवधि में जनगणना कार्य को सुचारु एवं त्रुटिरहित तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना में तकनीक का व्यापक उपयोग

डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि जनगणना-2027 में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या लगभग 40 निर्धारित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी प्रक्रियाओं और निर्धारित प्रोटोकॉल की जानकारी संबंधित कार्मिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना (Self-Enumeration) की अवधि निर्धारित है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वगणना की प्रक्रिया के संबंध में आमजन को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए और उन्हें इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए। इससे 01 दिसंबर 2026 से प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर की जाने वाली जनसंख्या गणना को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

अभी से तैयार करें विस्तृत कार्ययोजना

जिलाधिकारी ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के लिए विस्तृत कार्ययोजना अभी से तैयार कर ली जाए। उन्होंने जनगणना से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं, मानव संसाधन, तकनीकी सहयोग और अन्य तैयारियों को समय से पूरा करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे व्यापक स्तर के कार्य में छोटी-सी त्रुटि भी आंकड़ों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करे।

23 चार्ज और 23 सहायक चार्ज अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा ने जनगणना-2027 से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं, महत्वपूर्ण पहलुओं और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। अधिकारियों एवं कार्मिकों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।

दो दिवसीय प्रशिक्षण में 23 चार्ज अधिकारियों, 23 सहायक चार्ज अधिकारियों, तकनीकी सहायकों तथा जनगणना से जुड़े अन्य कार्मिकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी भूमिका, प्रक्रियाओं तथा तकनीकी व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

इस अवसर पर जनगणना के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इनायत सिद्दीकी, जनगणना निदेशालय के प्रशिक्षक प्रदीप यादव एवं कुलदीप चौहान सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।