Anti Mining Task Force: 1 अक्टूबर से खनन सत्र शुरू, अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस

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Uttarakhand Mining Season 2026-27 Begins Oct 1 | Illegal Mining

1 अक्टूबर से शुरू होगा खनन सत्र, अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस की नीति

Uttarakhand mining season 2026-27 begins October 1. Dehradun DM directs strict action against illegal mining, CCTV monitoring and river dredging.

रिवर ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन से आपदा जोखिम कम करने पर जोर, नए खनन लॉट की टेंडर प्रक्रिया में तेजी के निर्देश

खनन क्षेत्रों में 24 घंटे सक्रिय रहेगी एंटी माइनिंग टास्क फोर्स, CCTV से होगी निगरानी; वाहनों में रेडियम और फॉग लाइट अनिवार्य

स्टोन क्रशरों में धर्मकांटा और कम से कम 1,000 पौधों का रोपण अनिवार्य कराने के निर्देश

देहरादून, 29 सितंबर 2026। जनपद देहरादून में खनन सत्र 2026-27 आगामी 1 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। खनन गतिविधियों को सुचारू, पारदर्शी और नियमानुसार संचालित करने तथा अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला खनन समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन, अवैध परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन एवं न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने तथा खनन गतिविधियों की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया।

आपदा जोखिम वाले क्षेत्रों में रिवर ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन पर जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों में जनसुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आपदा के संभावित प्रभाव को कम करने के लिए नदियों में वैज्ञानिक तरीके से रिवर ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का तत्काल चिह्नीकरण करने और वहां उपलब्ध उपखनिज की मात्रा का सटीक आकलन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि चिन्हित किए गए नए खनन लॉट की नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी करते हुए टेंडर प्रक्रिया जल्द संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।

24 घंटे सक्रिय रहेगी एंटी माइनिंग टास्क फोर्स

अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर गठित एंटी माइनिंग टास्क फोर्स को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने खनन क्षेत्रों में स्थापित CCTV कैमरों को हर समय क्रियाशील रखने तथा इनके माध्यम से नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खनन क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहनों की फिटनेस, वाहन चालकों की पहचान तथा खनन कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

वाहनों में रेडियम और फॉग लाइट अनिवार्य

जिलाधिकारी ने खनिज परिवहन में लगे वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित वाहनों में रेडियम और फॉग लाइट अनिवार्य रूप से लगाए जाने को कहा, ताकि कम दृश्यता और रात के समय दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

इसके साथ ही स्टोन क्रशरों में धर्मकांटा की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा घोड़े-खच्चरों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए।

पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर

बैठक में खनन गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्वों के पालन पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने खनन क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों तथा बच्चों की शिक्षा से संबंधित प्रावधानों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने स्टोन क्रशर संचालकों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कम से कम 1,000 पौधे लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।

30 लॉट में वर्तमान में हो रहा खनन, अब तक 31.26 करोड़ रुपये राजस्व

जिला खनन अधिकारी ने बैठक में जनपद में संचालित खनन गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि निजी नाप भूमि के 03, वन विकास निगम के 04, गढ़वाल मंडल विकास निगम लिमिटेड (GMVN) के 08, ई-निविदा के माध्यम से स्वीकृत 01 तथा मैसर्स कैलाश रिवर बैंड एलएलपी के 14 खनन पट्टे आवंटित किए गए हैं।

इन लॉटों के अंतर्गत कुल 659.81 हेक्टेयर खनन क्षेत्र निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि कुल 69 लॉट में से वर्तमान में 30 लॉट में खनन कार्य संचालित है। इनसे अब तक 31.26 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। शेष लॉटों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई गतिमान है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्य शाह, जीएमवीएन प्रबंधक कुसुम चौहान, सीओ विवेक सिंह, आरटीओ से रोशनी पंत तथा वर्चुअल माध्यम से सभी संबंधित एसडीएम सहित जिला खनन समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।