Skill Development: जापान-जर्मनी-सऊदी अरब में 126 युवाओं को रोजगार, नए ट्रेड्स पर जोर

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126 Youth Get Overseas Jobs in Japan, Germany & Saudi Arabia

 

स्किल डेवलपमेंट से युवाओं को मिलेगा ग्लोबल रोजगार का मंच, जापान-जर्मनी-सऊदी अरब में 126 युवाओं का चयन

Dehradun’s skill development review focuses on market-driven training, updated ITI trades and global jobs. 126 youth have secured employment in Japan, Germany and Saudi Arabia.

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने ‘मार्केट डिमांड’ के अनुरूप प्रशिक्षण और नए ट्रेड्स शुरू करने के दिए निर्देश

 

 

देहरादून, 01 अक्टूबर 2026। युवाओं को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर स्थानीय उद्योगों के साथ-साथ वैश्विक रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने कौशल विकास योजनाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को युवाओं को पारंपरिक ट्रेड्स तक सीमित रखने के बजाय नए जमाने की तकनीक, स्टार्टअप और उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं।

कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला कौशल विकास योजना की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाना और उन्हें देश-विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ना होना चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को वर्तमान और भविष्य की मार्केट डिमांड के अनुरूप लगातार अपडेट किया जाए।

जापान, जर्मनी और सऊदी अरब में 126 युवाओं को रोजगार

बैठक में जिला सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जिले के 126 युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर मिले हैं। इनमें 75 युवाओं का जापान में केयर गिवर के रूप में, एक युवा का जर्मनी में नर्सिंग क्षेत्र में तथा 30 युवाओं का सऊदी अरब में वेयरहाउस मैनेजमेंट के क्षेत्र में चयन हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के चयन को कौशल विकास कार्यक्रमों की उपलब्धि बताते हुए अधिकारियों ने प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के बीच बेहतर समन्वय पर भी चर्चा की।

उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार होगी कार्ययोजना

जिलाधिकारी डॉ. चौहान ने सिडकुल और उद्योग विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थानों की वर्तमान जरूरतों को समझने के लिए नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जाएं और उनकी आवश्यकताओं के आधार पर युवाओं के प्रशिक्षण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

उन्होंने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में संचालित पाठ्यक्रमों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि उद्योगों में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए आईटीआई के ट्रेड्स और प्रशिक्षण मॉड्यूल को समय-समय पर अपडेट किया जाना जरूरी है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं के पास रोजगार के लिए प्रासंगिक कौशल मौजूद हों।

 

पीएम सेतु योजना से आधुनिक होगा आईटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर

बैठक में जिलाधिकारी ने पीएम सेतु योजना के तहत सरकारी आईटीआई और एनएसटीआई संस्थानों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संस्थानों में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और तकनीकी संसाधन विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को आधुनिक मशीनों और तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ-साथ औद्योगिक इकोसिस्टम की समझ और प्रोफेशनल नेटवर्क विकसित करने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसके लिए उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार, प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत समन्वय से ही कौशल विकास को रोजगार से प्रभावी रूप से जोड़ा जा सकता है। बैठक में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम और युवाओं के लिए स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला सेवायोजन अधिकारी ममता, आईटीआई प्रधानाचार्य अनुपमा भंडारी, दीपक चौधरी, अनिल पुंडीर तथा उद्योग प्रतिनिधि एवं समिति अध्यक्ष अरुण नैथानी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।