डीएम डॉ. आशीष चौहान का नारी निकेतन और बाल सुधार गृह में औचक निरीक्षण, सुरक्षा व पुनर्वास व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

0
5

Dehradun DM Inspects Nari Niketan & Juvenile Home, Orders Better Safety, Education and Rehabilitation

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी संप्रेक्षण गृह का किया औचक निरीक्षण

सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के दिए निर्देश

बाल सुधार गृह में शुरू होगा बेसिक लर्निंग प्रोग्राम, प्रत्येक बालक का विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश

नियमित काउंसलिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, कौशल विकास एवं प्रभावी पुनर्वास गतिविधियों पर विशेष जोर

देहरादून।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को केदारपुरम स्थित नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी संप्रेक्षण गृह का औचक निरीक्षण कर संस्थानों में संचालित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां निवासरत महिलाओं, किशोरियों एवं बालकों को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, पोषण, पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की गहन समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थानों में रह रहे बच्चों एवं महिलाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी दिनचर्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, रहन-सहन तथा अन्य आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संस्थानों में ऐसा वातावरण विकसित किया जाए, जिससे प्रत्येक संवासी स्वयं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं पारिवारिक माहौल में महसूस कर सके।

बाल सुधार गृह में शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष फोकस

बाल सुधार गृह के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां रह रहे किशोरों से व्यक्तिगत बातचीत कर उनकी शैक्षिक स्थिति, रुचियों एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि संस्थान में शीघ्र बेसिक लर्निंग प्रोग्राम प्रारंभ किया जाए, जिससे बच्चों की शैक्षिक क्षमता, भाषा कौशल एवं बौद्धिक विकास को नई दिशा मिल सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक बालक का विस्तृत व्यक्तिगत प्रोफाइल तैयार किया जाए, जिसमें उसकी शैक्षिक पृष्ठभूमि, पारिवारिक स्थिति, मनोवैज्ञानिक आकलन, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, रुचियां एवं पुनर्वास योजना का समुचित विवरण शामिल हो। इससे प्रत्येक बालक के लिए आवश्यकतानुसार व्यक्तिगत सुधार एवं पुनर्वास योजना तैयार की जा सकेगी।

नियमित काउंसलिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य

जिलाधिकारी ने कहा कि संस्थान में निवासरत प्रत्येक बालक एवं किशोरी की नियमित मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, स्वास्थ्य परीक्षण तथा आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों के मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास के लिए विशेषज्ञों की सहायता से नियमित परामर्श सत्र आयोजित किए जाएं, ताकि वे सकारात्मक वातावरण में अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।

उन्होंने खेल, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों, कौशल विकास एवं व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों को भी नियमित रूप से संचालित करने पर बल दिया।

नारी निकेतन एवं किशोरी संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

नारी निकेतन एवं किशोरी संप्रेक्षण गृह के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश नियंत्रण, निगरानी प्रणाली तथा संवासिनियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश न रहे।

उन्होंने कहा कि संस्थानों में निवासरत महिलाओं एवं किशोरियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं का संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

स्वच्छ, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परिसर की साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, आवासीय कक्षों एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थानों में स्वच्छता, सुरक्षा एवं अनुशासन की सर्वोच्च गुणवत्ता बनाए रखी जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

संस्थानों में वर्तमान संवासियों की संख्या

वर्तमान में केदारपुरम स्थित संस्थानों में—

  • नारी निकेतन में 160 संवासिनियां निवासरत हैं।
  • बाल सुधार गृह में 07 किशोर रह रहे हैं।
  • किशोरी संप्रेक्षण गृह में 12 किशोरियां निवासरत हैं।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, बाल कल्याण समिति के सदस्य पी.एन. जौहर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।