CM Pushkar Singh Dhami in Haridwar | Vasudhaiva Kutumbakam, UCC, Cultural Heritage Focus

हरिद्वार में सीएम धामी का सद्भावना संदेश: ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ भारत की पहचान
सामाजिक एकता, मानवता और सांस्कृतिक विरासत पर जोर, समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक कदम
हरिद्वार।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन एवं बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए सामाजिक एकता, मानवता और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का सशक्त संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित है, जो पूरे विश्व को एक परिवार मानने की प्रेरणा देती है और यही भारत की वैश्विक पहचान है।
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए संतों, अतिथियों, महिलाओं, युवाओं और सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना से जुड़े ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक सूत्र में बांधते हैं।
सीएम धामी ने सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था समाज में समरसता, सेवा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में, जब दुनिया संघर्ष और तनाव से गुजर रही है, तब प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की भावना को विश्व स्तर पर सशक्त किया है।
उन्होंने कोरोना काल में विभिन्न देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने, योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने और आपदाओं के समय सहायता प्रदान करने को भारत की मानवीय प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि राज्य में लागू की गई समान नागरिक संहिता सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में पुनर्निर्माण कार्यों, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य की धार्मिक पहचान को और मजबूती मिल रही है।
साथ ही, दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना को भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह सद्भावना सम्मेलन समाज में एकता, सौहार्द और सेवा की भावना को और मजबूत करेगा तथा इसके सकारात्मक परिणाम दूरगामी होंगे।
उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए सतपाल महाराज एवं “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” को शुभकामनाएं भी दीं।





