देहरादून में नशे के कारोबार पर कसेगा शिकंजा, संवेदनशील इलाकों की GIS मैपिंग के निर्देश

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Dehradun Anti-Drug Drive: GIS Mapping of Drug Hotspots Ordered

Dehradun intensifies its anti-drug drive as ADM Smrita Parmar orders GIS mapping of drug hotspots, awareness campaigns and strict action against illegal narcotics trade.

नशा मुक्त समाज के लिए विभागीय समन्वय से चलाएं व्यापक जनजागरूकता अभियान: एडीएम

 

नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की GIS मैपिंग कर निगरानी बढ़ाने के निर्देश, अवैध कारोबार पर होगी प्रभावी कार्रवाई

देहरादून, 09 सितंबर 2026। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन, अफीम, खस-खस एवं पोस्त की अवैध खेती पर रोक तथा मादक पदार्थों के उपयोग और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जनपद में नशे के बढ़ते प्रचलन और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तनात्मक कार्रवाई के साथ विभागीय समन्वय से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इसलिए इसके खिलाफ बहुआयामी रणनीति के तहत निरंतर कार्रवाई आवश्यक है।

स्कूल-कॉलेजों में बढ़ाई जाए जागरूकता

एडीएम ने शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग को संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रम और संवाद सत्र आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणामों के साथ-साथ नशे से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए केवल चेतावनी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सकारात्मक गतिविधियों, खेल, शिक्षा और रचनात्मक अवसरों से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

नशे के हॉटस्पॉट की होगी GIS मैपिंग

बैठक में पुलिस विभाग को जनपद के नशा प्रभावित एवं संवेदनशील हॉटस्पॉट क्षेत्रों की GIS मैपिंग करने के निर्देश दिए गए। एडीएम ने कहा कि मैपिंग के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यकता के अनुसार वहां प्रवर्तन एवं जनजागरूकता गतिविधियां बढ़ाई जाएं।

उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध क्रय-विक्रय, तस्करी और कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी और विभागीय समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए।

पोस्त की खेती पर प्रभावी रोक के निर्देश

आबकारी विभाग को पोस्त की अवैध खेती पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए संबंधित क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण एवं छापेमारी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रतिबंधित मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास पर भी जोर

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान का उद्देश्य केवल अवैध कारोबार पर कार्रवाई करना नहीं होना चाहिए, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना भी जरूरी है। इसके लिए ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं, उपचार, परामर्श और सामाजिक पुनर्वास से संबंधित सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में नशे के विरुद्ध संचालित अभियान को निरंतर, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जाए। सभी संबंधित विभाग अपने-अपने स्तर पर की जा रही कार्रवाई और जनजागरूकता कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करें तथा ठोस कार्ययोजना के आधार पर आपसी समन्वय से काम करें।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकित कंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, आबकारी निरीक्षक शिव प्रसाद व्यास सहित शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, आबकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।