Dehradun DM Orders Action on 180-Day Pending CM Helpline Complaints
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से करें निस्तारण: जिलाधिकारी
180 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर अधिकारियों को चेतावनी, निस्तारण संभव न होने वाले प्रकरणों को स्पेशल क्लोज के तहत उच्चस्तर पर भेजने के निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम हेल्पलाइन तथा मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा औपचारिकता स्वीकार नहीं की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार लंबित शिकायतों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से 180 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी और निर्देशित किया कि ऐसे सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का समाधान केवल पोर्टल पर निस्तारण दर्ज करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान होना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और तथ्यपरक निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ता को भी निस्तारण की स्थिति एवं की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों का समाधान संबंधित विभागीय स्तर पर संभव नहीं है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित रखने के बजाय स्पेशल क्लोज की प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेजों, तथ्यों एवं स्पष्ट आख्या के साथ उच्चस्तर पर भेजा जाए। इससे ऐसे प्रकरणों पर सक्षम स्तर से उचित निर्णय लिया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बिना ठोस कारण के शिकायतों को एक विभाग से दूसरे विभाग में अग्रसारित करने अथवा निस्तारण में अनावश्यक समय लेने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करने तथा अधिक समय से लंबित प्रकरणों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की भी विभागवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घोषणाओं की वर्तमान स्थिति, अब तक हुई प्रगति, लंबित कार्यों तथा उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई सभी घोषणाओं का निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और विभागीय अधिकारी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करें।
उन्होंने विशेष रूप से उन घोषणाओं की स्थिति की जानकारी ली, जिनके लिए भूमि का चयन किया जाना है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि भूमि चयन से जुड़े मामलों में आवश्यक प्रस्ताव एवं अभिलेख तैयार कर सीधे जिलाधिकारी को प्रस्तुत किए जाएं, ताकि भूमि चयन एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं शासन की प्राथमिकताओं से सीधे जुड़ी हैं और इनके समयबद्ध क्रियान्वयन से आमजन को योजनाओं एवं विकास कार्यों का प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और घोषणाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्यों की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। यदि किसी कार्य के क्रियान्वयन में प्रशासनिक, तकनीकी, भूमि अथवा अन्य किसी प्रकार की बाधा सामने आती है, तो उसे उच्च स्तर पर समय रहते अवगत कराते हुए समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मिता परमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





