डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट का किया औचक निरीक्षण, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और आपदा तैयारियों पर दिया विशेष जोर
कार्यालय व्यवस्था, रिकॉर्ड प्रबंधन और जनसेवा प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश
देहरादून, 26 मई 2026। जनपद में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम तथा आपदा परिचालन केन्द्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विभिन्न शाखाओं में अभिलेखों के रखरखाव, कार्यालयों की साफ-सफाई, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली तथा आमजन को दी जा रही सेवाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यालयों में अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उनकी शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब न हो और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कार्यालयों में रखी गई पत्रावलियों एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों का निरीक्षण करते हुए कहा कि सभी अभिलेख सुव्यवस्थित और श्रेणीवार सुरक्षित रखे जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो सके।
रिकॉर्ड रूम के डिजिटलीकरण पर विशेष फोकस
रिकॉर्ड रूम के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों के व्यवस्थित संरक्षण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति और सुगमता आए। साथ ही उन्होंने आवश्यक एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सुरक्षित संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
स्वच्छ कार्यालय से बेहतर कार्यसंस्कृति का संदेश
कार्यालयों की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित कार्यस्थल न केवल सकारात्मक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देते हैं, बल्कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा कार्यालय परिसरों को व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से संवाद करते हुए कहा कि जनसेवा प्रशासन का मूल उद्देश्य है और प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए।
आपदा परिचालन केन्द्र में मानसून तैयारियों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आपदा परिचालन केन्द्र का भी गहन निरीक्षण किया और जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन संभावित स्थानों, अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों तथा दुर्गम गांवों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों की अद्यतन सूची तैयार रखी जाए तथा उन क्षेत्रों में संचार व्यवस्था, संपर्क साधनों, वैकल्पिक मार्गों और राहत पहुंचाने की व्यवस्थाओं का नियमित परीक्षण किया जाए।
उन्होंने कहा कि आगामी मानसून को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता एवं तत्परता बनाए रखें। जिलाधिकारी ने आपदा परिचालन केन्द्र में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सूचनाओं का त्वरित संकलन एवं आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए, ताकि राहत एवं बचाव कार्य समयबद्ध तरीके से संचालित किए जा सकें।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





