Dehradun Ration Quality Check: SDMs to Inspect Warehouses
राशन की गुणवत्ता से समझौता नहीं, गोदामों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम
DM Dr Ashish Chauhan directs SDMs to inspect grain warehouses, monitor fair-price shops and ensure quality ration distribution within a week.
उचित दर दुकानों पर साफ-सफाई और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश, एक सप्ताह में देनी होगी निरीक्षण रिपोर्ट
देहरादून, 14 अक्टूबर 2026।
जनपद देहरादून में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने खाद्यान्न की गुणवत्ता और उचित दर दुकानों की व्यवस्थाओं की निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में उचित दर दुकानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों की तैनाती करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राशन वितरण में खाद्यान्न की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को उचित दर दुकानों पर साफ-सफाई बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक बेहतर गुणवत्ता का राशन पहुंचाना और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
राजकीय अन्न भंडारों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी उपजिलाधिकारियों को राजकीय अन्न भंडारों का स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं। निरीक्षण के दौरान गोदामों में उपलब्ध खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच करने के साथ ही उचित दर दुकानों को भेजे जाने वाले राशन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
उन्होंने निर्देश दिए कि गोदामों से केवल गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न ही उचित दर दुकानों को उपलब्ध कराया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को खराब या निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं होने वाला राशन वितरित न हो। इसके लिए अधिकारियों को भंडारण केंद्रों से लेकर राशन दुकानों तक खाद्यान्न की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक सप्ताह में सौंपनी होगी कार्रवाई की आख्या
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, उचित दर दुकानों की निगरानी, राजकीय अन्न भंडारों के निरीक्षण और इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत आख्या एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को जवाबदेह बनाना, राशन की गुणवत्ता बनाए रखना और उपभोक्ताओं को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना है।




