योग दिवस 2026: परेड ग्राउंड में स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश, बड़ी संख्या में जुटे लोग

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International Yoga Day 2026: Thousands Join Mass Yoga Session at Dehradun Parade Ground

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर परेड ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब, सामूहिक योगाभ्यास से दिया स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए निर्धारित कॉमन योगा प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, देहरादून डॉ. मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

जिला मीडिया प्रभारी एवं आईटी एक्सपर्ट डॉ. डी.सी. पसबोला ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में उत्तराखण्ड सरकार के स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री सौरभ बहुगुणा, विधायक खजान दास, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सविता कोठियाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, योग प्रशिक्षक एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयुष विभाग, देहरादून द्वारा जनपद के विभिन्न दूरस्थ एवं महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। हनोल (महासू), त्यूणी, चकराता, लाखामंडल एवं देहरादून के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कॉमन योगा प्रोटोकॉल कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। इन आयोजनों का उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाना तथा ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।

इसके अतिरिक्त आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां स्थानीय लोगों ने योग, प्राणायाम एवं ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कर इसके लाभों की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है, जिसने आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य और कल्याण का प्रभावी माध्यम बनकर अपनी पहचान स्थापित की है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति का भी सशक्त साधन है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य तथा सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करता है।

कार्यक्रम के दौरान लोगों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, स्वस्थ दिनचर्या अपनाने तथा समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।