कुम्भ मेला 2027: तैयारियों में तेजी, 3 दिन में जीओ जारी करने के निर्देश

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Kumbh Mela 2027 Preparations | 3-Day GO Deadline, Traffic & Sanitation Plan | Uttarakhand

देहरादून | 

कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों में तेजी के निर्देश, 3 दिन में शासनादेश जारी करने को कहा

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मेला प्रबंधन, निर्माण कार्यों, यातायात व्यवस्था और स्वच्छता योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने कुम्भ से जुड़े निर्माण कार्यों के शासनादेश (जीओ) जारी होने में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित आपत्तियों का निस्तारण करते हुए अगले 3 दिनों के भीतर शासनादेश जारी किए जाएं, ताकि कार्यों में तेजी लाई जा सके।

कुम्भ मेला क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण और आवंटन प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि 30 जून तक सभी आवश्यक भूमि का आवंटन सुनिश्चित किया जाए और इस पूरी प्रक्रिया को कुम्भ मास्टर प्लान में शामिल किया जाए।

मुख्य सचिव ने मेला क्षेत्र के लिए रेलवे और सड़क यातायात की समग्र योजना को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। इसके लिए मेलाधिकारी, आईजी कुम्भ और रेलवे अधिकारियों को आपसी समन्वय से जल्द बैठक करने को कहा गया।
हरिद्वार, नजीबाबाद और मंगलौर से आने वाले मार्गों पर स्पर और जंक्शन निर्माण तथा मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आसपास के जिलों में पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन का विस्तार करने को कहा गया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति के लिए वैकल्पिक यातायात योजना तैयार रखी जाए। राज्य में प्रवेश बिंदुओं पर पार्किंग, भोजन, ठहराव और शौचालय जैसी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

कुम्भ में भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए मुख्य सचिव ने पूरे मेला क्षेत्र के लिए विशेष सैनिटेशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त संख्या में पर्यटक सूचना केंद्र स्थापित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को समय पर सही जानकारी मिल सके।

मुख्य सचिव ने कुम्भ के दौरान प्रदेश की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्नान पर्वों को छोड़कर अन्य दिनों में पौराणिक, ऐतिहासिक और लोक कला से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच मिल सके।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें नितेश कुमार झा, पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, सोनिका और योगेन्द्र सिंह रावत सहित अन्य विभागों और रेलवे के अधिकारी शामिल थे।