Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में 14 से 17 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

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Uttarakhand Weather Alert: Heavy Rain Forecast Till August 17

मौसम चेतावनी के मद्देनजर उत्तराखंड के सभी जिले अलर्ट मोड पर, 14 से 17 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

देहरादून। उत्तराखंड में अगले चार दिनों के दौरान मौसम का मिजाज खराब रहने की संभावना को देखते हुए राज्य के सभी जनपदों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से 13 अगस्त 2026 को जारी पूर्वानुमान एवं चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को आवश्यक सावधानियां बरतने तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियां पुख्ता रखने के निर्देश जारी किए हैं।

14 से 17 अगस्त के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि और अन्य संभावित आपदाओं वाले संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को मौसम विभाग की चेतावनी के अनुरूप पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव अभियान तत्काल शुरू करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन पहले से तैयार रखे जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने, मौसम एवं स्थानीय परिस्थितियों की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

14 अगस्त: चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली तथा वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है।

वहीं चम्पावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। शेष जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर को लेकर येलो अलर्ट रहेगा।

15 अगस्त: पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट

15 अगस्त को उत्तराखंड के सभी जनपदों में येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है।

पर्वतीय जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है। वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

16 अगस्त: चम्पावत, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट

16 अगस्त को चम्पावत, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है।

इसके अलावा देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, चमोली, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर को लेकर येलो अलर्ट रहेगा।

17 अगस्त: देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट

17 अगस्त को देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन दोनों जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है।

राज्य के शेष जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना के मद्देनजर येलो अलर्ट रहेगा।

मौसम की जानकारी लेकर ही करें यात्रा: विनोद कुमार सुमन

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने आमजन से मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग यात्रा से पहले मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें।

उन्होंने भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका वाले संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों, नदी-नालों तथा जलधाराओं के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश या अचानक बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने और सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र को पार करने का प्रयास नहीं करने को कहा गया है।

आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेने की सलाह दी गई है। इसके अलावा उफनती नदियों, गदेरों, धाराओं और नालों में तैरने या नौका विहार करने से भी बचने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने चेताया है कि प्रतिकूल मौसम के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में नागरिकों से सतर्क रहने, जोखिम वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।