देहरादून समाधान दिवस में 126 शिकायतें दर्ज, बुजुर्गों के उत्पीड़न और अवैध कब्जों पर प्रशासन सख्त

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Dehradun Samadhan Diwas: 126 Complaints, Strict Action

जनता की फरियाद पर प्रशासन सख्त, समाधान दिवस में 126 शिकायतें दर्ज

 

Dehradun Samadhan Diwas saw 126 public complaints. Officials were directed to act on elderly harassment, encroachments, roads, water and disaster issues.

 

बुजुर्गों के उत्पीड़न के मामले में भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज, अवैध कब्जों और नियमविरुद्ध निर्माण पर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश

 

क्षतिग्रस्त सड़कों, पेयजल, पुलिया और आपदा से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

 

देहरादून, 05 अक्टूबर 2026।
आम जनता की समस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों के क्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 126 शिकायतें दर्ज की गईं।

अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने जनसुनवाई में पहुंचे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने की हिदायत दी।

बुजुर्गों के उत्पीड़न की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई

समाधान दिवस में बुजुर्गों से संबंधित शिकायतों को प्रशासन ने प्राथमिकता से लिया। 73 वर्षीय मदनलाल भल्ला ने शिकायत की कि उन्होंने अपने पुत्र को कारोबार स्थापित करने में सहयोग दिया, लेकिन कारोबार सफल होने के बाद पुत्र ने वृद्धावस्था में उनकी देखभाल नहीं की और उन्हें बेसहारा छोड़ दिया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।

इसी प्रकार 74 वर्षीय विधवा रेणुका खनका ने अपनी बहू पर पैतृक संपत्ति हड़पने, मारपीट करने और देखभाल नहीं करने के आरोप लगाए। मामले में सीओ रायपुर और महिला सेल को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

अवैध कब्जों और नियमविरुद्ध निर्माण पर सख्ती

गायत्री विहार निवासी बुजुर्ग दंपत्ति ने अपनी वैध संपत्ति पर पड़ोसी द्वारा कथित अवैध कब्जे और एमडीडीए के सीलिंग आदेशों का पालन नहीं किए जाने की शिकायत की। मामले में एमडीडीए को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सेवाकलां निवासी संजय कुमार ने अपनी पुश्तैनी भूमि पर पड़ोसी द्वारा कब्जा किए जाने और धमकी देने की शिकायत की। इस पर एसडीएम सदर को मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

रेसकोर्स निवासी आशीष बड़थ्वाल ने एक पूर्व पार्षद पर नियमों के विपरीत तीन मंजिला व्यावसायिक भवन निर्माण और अवैध गतिविधियों के आरोप लगाए। शिकायत पर एसडीएम सदर और संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर निर्देश

जनसुनवाई में सड़क और पेयजल से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं। इंद्रलोक कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुए मार्ग की मरम्मत के लिए जल निगम को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

खुड़बुड़ा मोहल्ले में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत पर जल संस्थान को समस्या का तत्काल समाधान करने को कहा गया। वहीं रानीपोखरी क्षेत्र में वर्ष 2024 से पहले के पेयजल कनेक्शनों और शुल्क में कथित अनियमितताओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश अधिशासी अभियंता, जल संस्थान को दिए गए।

आशारोड़ी-झाझरा हाईवे निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर एनएचएआई को जांच के निर्देश दिए गए। चकराता ब्लॉक के खारसी मोटर मार्ग तथा कोल्डपानी-सत्तौर क्षेत्र में भू-कटाव की समस्या के संबंध में पीडब्ल्यूडी और एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।

विकासखंड कालसी के कामला स्थित हड्डियागाड़ में भारी बारिश से पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी का भी संज्ञान लिया गया। एसडीएम कालसी को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

आपदा राहत और जनहित से जुड़े मामलों पर भी कार्रवाई

कुडियाल ग्राम पंचायत में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त हाथी सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं प्रकाश पंत मार्ग से एयरपोर्ट तक जंगली हाथियों से बचाव के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी बीडीओ को सौंपी गई।

गांधी रोड निवासी इल्मा, प्रेम बहादुर, सरस्वती और रणवीर सिंह ने आर्थिक कठिनाइयों, बच्चों की शिक्षा और बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग रखी। प्रशासन ने संबंधित एसडीएम को प्रकरणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत गिरी, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

समाधान दिवस के दौरान प्रशासन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक प्रकरण में समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।