CM Dhami: Uttarakhand to Become a Global Wedding Destination Under ‘Wed in Uttarakhand’ Campaign

उत्तराखंड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रही सरकार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
‘वेड इन उत्तराखंड’ अभियान से स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार
वेडिंग टूरिज्म के साथ स्पिरिचुअल, वेलनेस और इको-टूरिज्म को भी मिल रहा विशेष प्रोत्साहन
देहरादून, 15 जुलाई 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को विश्वस्तरीय वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार तेज़ी से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “वेड इन उत्तराखंड” परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से पर्यटन अवसंरचना, निवेश अनुकूल नीतियों और स्थानीय सहभागिता को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे राज्य में पर्यटन के नए आयाम विकसित होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री बुधवार को मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट, किमाड़ी में इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) द्वारा आयोजित ‘ग्रेस हिन्दुस्थान 2.0 उत्तराखण्ड’ राष्ट्रीय वेडिंग प्रोफेशनल्स सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, इवेंट विशेषज्ञों, पर्यटन उद्यमियों एवं निवेशकों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन राज्य में वेडिंग टूरिज्म, इवेंट इंडस्ट्री और पर्यटन निवेश को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से उत्तराखंड में पर्यटन क्षेत्र के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने आयोजन के सफल संचालन के लिए ICEI की पूरी टीम तथा पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस मंथन से प्राप्त सुझाव राज्य की पर्यटन नीति को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं बल्कि दो आत्माओं का पवित्र और आध्यात्मिक मिलन है। देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक विरासत, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक समृद्धि विवाह जैसे पावन अवसर को और अधिक दिव्य एवं अविस्मरणीय बना देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर सहित ओंकारेश्वर (ऊखीमठ), मसूरी, टिहरी, रामनगर और अन्य उपयुक्त स्थलों को विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन वेडिंग केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन स्थलों पर आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ पारंपरिक सांस्कृतिक अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग केवल होटल और रिसॉर्ट उद्योग तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे स्थानीय कारीगरों, लोक कलाकारों, फूल उत्पादकों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों, फोटोग्राफरों, कैटरिंग सेवाओं तथा छोटे एवं मध्यम व्यवसायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त होते हैं। इसी कारण राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम मानते हुए आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक पर्यटक केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति, अध्यात्म, लोक परंपराओं और आत्मीय आतिथ्य का भी अनुभव लेकर जाए। इसी सोच के साथ राज्य में प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और वेलनेस आधारित पर्यटन को एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट इस दिशा में उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय कर विश्वस्तरीय वेलनेस अनुभव प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार वेलनेस टूरिज्म और स्पिरिचुअल टूरिज्म को भी वेडिंग टूरिज्म के साथ समान महत्व देते हुए आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर विकास परियोजनाओं के साथ-साथ हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी आध्यात्मिक परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देकर वर्षभर पर्यटन गतिविधियों को सक्रिय रखने तथा गढ़वाल एवं कुमाऊं में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन, सुशासन और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण देश के सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्यों में शामिल हो चुका है। राज्य सरकार सड़क, रेल और रोपवे आधारित ट्रिपल आर (Road-Rail-Ropeway) कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर रही है। चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, विभिन्न रोपवे परियोजनाएं, जौलीग्रांट एवं पंतनगर हवाई अड्डों का विस्तार तथा सभी जिलों में हेलीपोर्ट विकास जैसी परियोजनाएं पर्यटन को नई गति प्रदान करेंगी।
उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था के माध्यम से निवेशकों, वेडिंग प्लानर्स एवं इवेंट आयोजकों को सभी आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए विशेषज्ञों एवं निवेशकों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास में सक्रिय साझेदारी निभाने तथा अपने सुझाव साझा करने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को विश्व के सर्वश्रेष्ठ वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जाएगा।





