हरेला 2026: मुख्यमंत्री धामी बोले- प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का पर्व है हरेला

0
4

CM Pushkar Singh Dhami Extends Harela Greetings, Urges Mass Tree Plantation | Harela 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी हरेला पर्व की शुभकामनाएं, अधिकाधिक वृक्षारोपण का किया आह्वान

देहरादून, 15 जुलाई 2026।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को लोकपर्व हरेला की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए सभी से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया है।

हरेला पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक लोकपर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने और उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं को सहेजने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि हमारे लोक पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य पहचान हैं, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी आध्यात्मिक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जैव विविधता के कारण विश्वभर में विशिष्ट पहचान रखता है। हिमालय, वन, नदियां, जलस्रोत और गाड़-गदेरे राज्य की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इनका संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन, नदियों के संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान ने देशभर में वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। इस अभियान से लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के अवसर पर प्रदेश में वन विभाग एवं उद्यान विभाग द्वारा शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई है। इस अभियान के तहत विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय समुदायों को भी जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और जनभावना से जुड़ा जनआंदोलन बन चुका है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से हरेला पर्व को पर्यावरण संरक्षण का जनोत्सव बनाने की अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं, युवा, महिलाएं एवं विद्यार्थी अधिक से अधिक पौधारोपण करें और लगाए गए पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को और अधिक हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरणीय रूप से समृद्ध बनाया जा सकेगा।