देहरादून को मिले नए डीएम: डॉ. आशीष चौहान ने संभाली प्रशासनिक कमान

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Dehradun New DM Dr Ashish Chauhan Takes Charge | IAS Transfer News Uttarakhand

देहरादून को मिला नया नेतृत्व: डॉ. आशीष चौहान ने संभाली जिलाधिकारी की जिम्मेदारी
जनसेवा, पारदर्शिता और तकनीक आधारित सुशासन को बताया प्राथमिकता

देहरादून, 25 मई 2026।
देहरादून जनपद को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2012 बैच के अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को देहरादून के जिलाधिकारी के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। इससे पूर्व जिले की कमान संभाल रहे जिलाधिकारी सविन बंसल का शासन स्तर पर सचिवालय में स्थानांतरण किया गया है।

सरकार द्वारा जारी तबादला सूची के बाद जहां सविन बंसल को अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने भावुक विदाई दी, वहीं अब जनपद की जिम्मेदारी ऐसे अधिकारी को सौंपी गई है, जिनकी पहचान जनकेंद्रित प्रशासन, नवाचार और संवेदनशील कार्यशैली के लिए रही है।

सविन बंसल का कार्यकाल रहा जनसरोकारों के नाम

सितंबर 2024 से देहरादून के जिलाधिकारी रहे सविन बंसल ने अपने कार्यकाल में प्रशासन को आमजन के अधिक करीब लाने की दिशा में कई उल्लेखनीय पहलें कीं। उनके नेतृत्व में कई ऐसे अभियान शुरू हुए, जिन्होंने समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक सीधे राहत पहुंचाने का कार्य किया।

बालिकाओं की शिक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘नंदा-सुनंदा’ पहल व्यापक रूप से सराही गई। इसके अलावा भिक्षावृत्ति और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत बच्चों को शिक्षा, संरक्षण और मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए गए।

जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाना, शिकायतों का त्वरित निस्तारण, योजनाओं का धरातल तक क्रियान्वयन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संवेदनशील प्रशासनिक पहलें उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहीं। यही वजह रही कि स्थानांतरण की सूचना के बाद आमजन, सामाजिक संगठनों और कर्मचारियों ने उन्हें भावुक विदाई दी।

डॉ. आशीष चौहान ने बताईं प्राथमिकताएं

नव नियुक्त जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कार्यभार ग्रहण करने से पहले कोषागार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संरक्षण के साथ-साथ पेंशनरों के सत्यापन को डिजिटल माध्यम से संचालित करने पर विशेष जोर दिया।

कार्यभार संभालने के बाद डॉ. चौहान ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आमजन तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाना, आपदा प्रबंधन कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना, विकास योजनाओं में तेजी लाना और राज्य सरकार की योजनाओं को सरल एवं प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

चुनौतीपूर्ण जनपदों में रहा प्रभावी प्रशासनिक अनुभव

डॉ. आशीष चौहान इससे पूर्व पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे चुनौतीपूर्ण पर्वतीय जनपदों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके कार्यकाल में तकनीक आधारित जनहितकारी पहल, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सड़क सुरक्षा, जनसंवाद और पर्यटन विकास से जुड़े कई नवाचारों को प्रदेश स्तर पर सराहना मिली।

‘सेफ सफर ऐप’ बना सड़क सुरक्षा का मॉडल

पौड़ी जनपद में उनके नेतृत्व में शुरू किया गया ‘सेफ सफर ऐप’ सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अभिनव पहल के रूप में सामने आया। विवाह समारोहों में संचालित किराये के वाहनों की निगरानी और पंजीकरण के लिए तैयार किए गए इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने ओवरलोडिंग, नशे में वाहन संचालन और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

‘काव्या ऐप’ से हाई रिस्क गर्भवतियों की निगरानी

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में डॉ. चौहान की पहल ‘काव्या ऐप’ भी काफी चर्चित रही। वर्ष 2023 में शुरू किए गए इस ऐप के माध्यम से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, पंजीकरण और नियमित निगरानी सुनिश्चित की गई। विशेष रूप से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने और मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने की दिशा में यह पहल प्रभावी साबित हुई।

पर्यटन और सांस्कृतिक विकास पर भी विशेष फोकस

पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भी डॉ. चौहान ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए। पौड़ी में हिमालय दर्शन स्थल के समीप विकसित किया जा रहा ‘त्रिशूल पार्क’ उनकी दूरदर्शी सोच का उदाहरण माना जा रहा है। धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकसित किए जा रहे इस पार्क में 56 फीट ऊंचे भव्य त्रिशूल की स्थापना की जा रही है, जो भविष्य में प्रमुख आकर्षण केंद्र बनने की संभावना रखता है।

तकनीक और संवेदनशीलता के समन्वय की पहचान

डॉ. आशीष चौहान की प्रशासनिक कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनभागीदारी को प्राथमिकता देना रही है। तकनीक आधारित समाधान और मानवीय संवेदनशीलता के संतुलन के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. चौहान से अब देहरादून में भी नवाचार आधारित और जनहितकारी प्रशासनिक मॉडल की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।