मानकों के विपरीत संचालित 103 होमस्टे पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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देहरादून में 103 अवैध होमस्टे पर बड़ी कार्रवाई | DM Savin Bansal Action on Illegal Homestays

मानकों के विपरीत संचालित 103 होमस्टे पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, पंजीकरण निरस्त; पर्यटन वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया शुरू

ऑपरेशन सफाई के तहत लगातार कार्रवाई जारी, 153 निरीक्षणों में 103 होमस्टे नियम विरुद्ध पाए गए

लीज पर चल रहे होटलनुमा होमस्टे प्रशासन के निशाने पर, अग्निशमन और फूड लाइसेंस के बिना संचालन पर सख्ती

रातभर बार संचालन, लाउड डीजे और गैरकानूनी गतिविधियों के अड्डे बन रहे थे कई होमस्टे

नशे, हुड़दंग, ओवरस्पीड और फायरिंग की घटनाओं से कानून व्यवस्था को चुनौती; प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख

देहरादून, 24 मई 2026।

जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अवैध एवं मानकों के विपरीत संचालित होमस्टे के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन सफाई” के तहत अब तक 103 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही इन होमस्टे को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से विलोपित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के तहत प्रथम चरण में 17, द्वितीय चरण में 79 तथा तृतीय चरण में 7 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त किए गए। जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने सहसपुर एवं रायपुर विकासखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 153 निरीक्षण किए, जिनमें बड़ी संख्या में होमस्टे उत्तराखण्ड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के प्रावधानों के विपरीत संचालित पाए गए।

जांच में सामने आया कि कई होमस्टे वास्तव में होटल की तरह संचालित किए जा रहे थे। कई स्थानों पर होमस्टे लीज या किराये पर दिए गए थे, जबकि नियमों के अनुसार स्वामी का निवास परिसर में होना आवश्यक है। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन, बिना वैध अग्निशमन उपकरणों के संचालन तथा फूड लाइसेंस के अभाव जैसी गंभीर अनियमितताएं भी पाई गईं।

प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि कुछ होमस्टे में रातभर नियम विरुद्ध बार संचालन, लाउड डीजे और शराब पार्टियों का आयोजन किया जा रहा था। कई स्थान गैरकानूनी गतिविधियों एवं उपद्रवी तत्वों के ठिकाने बनते जा रहे थे। प्रशासन के अनुसार इन गतिविधियों के कारण शहर में नशे की हालत में हुड़दंग, ओवरस्पीड ड्राइविंग तथा पिस्टल-तमंचों से फायरिंग जैसी घटनाओं में वृद्धि देखी गई, जिससे आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।

निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं पाई गई, जबकि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और स्थानीय निवासियों की आय को बढ़ावा देना है। इसके विपरीत कई इकाइयों का उपयोग बारात घर, पार्टी स्थल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रूप में किया जा रहा था।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि होमस्टे योजना का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन एवं निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।