Dehradun DM Warns Agencies of Heavy Penalties for Delays in Development Projects
रात्रिकालीन कार्यों को मिली सशर्त अनुमति, लापरवाही पर डीएम का सख्त रुख
दो दिन का कार्य छह माह तक लंबित रखने पर सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि
समयसीमा में कार्य पूर्ण न करने वाली एजेंसियों पर होगी कड़ी कार्रवाई, आर्थिक दंड भी लगेगा
जनता की सुविधा सर्वोपरि, विकास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं : डीएम डॉ. आशीष चौहान
देहरादून।
जनपद में विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं को प्रभावित होने से बचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को जिला स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों द्वारा प्रस्तावित भूमिगत और अधोसंरचनात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू, पीएसयू सहित कुल 14 विभागों एवं एजेंसियों के प्रस्तावों पर विचार किया गया। जनहित और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ अत्यावश्यक परियोजनाओं को रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक कार्य करने की सशर्त अनुमति प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्य जनहित में आवश्यक हैं, लेकिन इनकी वजह से आमजन को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी एजेंसियों को निर्देशित किया कि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व संबंधित क्षेत्र में पर्याप्त सूचना प्रसारित की जाए तथा आवश्यक मशीनरी, तकनीकी संसाधन और मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्वीकृत समयावधि के भीतर कार्य पूर्ण करना अनिवार्य होगा।
मानसून में सड़क कटिंग पर रहेगा नियंत्रण
डीएम ने मानसून के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों का सुधारीकरण या पुनर्निर्माण कार्य हाल ही में पूर्ण हो चुका है, वहां किसी भी प्रकार की रोड कटिंग अथवा खुदाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सड़क कटिंग से यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए विभाग पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
छह माह की देरी पर अधिकारियों की जवाबदेही तय
बैठक के दौरान ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के समीप सीवर चैंबर निर्माण एवं ट्रंक लाइन इंटरकनेक्शन से जुड़े कार्य की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की। यह कार्य महज दो से तीन दिनों में पूरा किया जा सकता था, लेकिन इसकी अनुमति दिसंबर माह से लंबित पाई गई।
मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने पीआईयू स्मार्ट सिटी के संबंधित सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न केवल जनता को असुविधा पहुंचाता है बल्कि परियोजनाओं की लागत और प्रभावशीलता पर भी प्रतिकूल असर डालता है।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए बनेगा व्हाट्सएप ग्रुप
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने सभी सक्षम अधिकारियों का एक आधिकारिक व्हाट्सएप समूह गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, त्वरित संवाद और समय पर समस्या समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही विभागों के बीच संचार की कमी के कारण होने वाली देरी को भी रोका जा सकेगा।
समय पर कार्य पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों पर आर्थिक दंड
डीएम ने निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अनुमति प्राप्त होने के बाद भी यदि निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं किया जाता है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आरसी काटने की कार्रवाई के साथ भारी आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही, उदासीनता अथवा अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत की जिम्मेदारी भी एजेंसियों की
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सिविल कार्यों के दौरान यदि किसी अन्य विभाग की पाइपलाइन, विद्युत लाइन, संचार नेटवर्क या अन्य परिसंपत्ति क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित एजेंसी तत्काल समन्वय स्थापित कर उसकी मरम्मत सुनिश्चित करेगी। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन के निर्देश दिए।
सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई को अधूरा छोड़ना, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना या यातायात व्यवस्था को बाधित करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा जब्ती, जुर्माना और मुकदमा दर्ज करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रिकालीन खुदाई के बाद गड्ढों को प्रातः तक भरना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त सभी कार्यस्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर एवं सूचना बोर्ड लगाए जाएं ताकि नागरिकों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, पिटकुल के अधीक्षण अभियंता विक्रम गौतम, गेल के महाप्रबंधक अम्बुज गौतम, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आशीष भट्ट, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, एडीबी के अधिशासी अभियंता अरुण कांत, यूयूएसडीए के अधिशासी अभियंता जतिन सिंह, एनएफएस डिफेंस ऑफिसर एल.एस. तोमर, विजेन्द्र तोमर सहित विभिन्न विभागों एवं निर्माण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि विकास और जनसुविधा दोनों प्रशासन की प्राथमिकता हैं तथा किसी भी परियोजना में देरी, लापरवाही या मानकों से समझौता करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





